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आसमान से हुई आफत की बरसात तो घरों में दुबके लोग

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सुखपुरा(बलिया)। बुधवार के शाम से ही क्षेत्र में हो रही भारी बारिश और तेज हवा के झोंकों ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर के रख दिया है।क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर गिरे पेड़ों के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।बिजली आपूर्ति ठप है। 


लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। सुखपुरा कस्बे में पानी निकास की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से पूरा का पूरा गांव जलमग्न हो गया है। गांव के निचले इलाकों में जलभराव के चलते लोग काफी परेशान हैं।भारी बारिश और तेज हवा के झोंके लोगों के दैनिक जीवन में आफत बनकर आ पहुंचे हैं। अभी बारिश और हवा के झोकों के बंद होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।



क्षेत्र के तमाम स्कूल कॉलेज बंद हो गए हैं। सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी भी किसी तरह देर से पहुंच पाए। तेज हवा के झोंके उसमें बारिश ने कच्चे मकानों झोपड़ियों पर गाज बन कर गिर पड़े हैं।सुखपुरा बलिया मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।सुखपुरा पानी टंकी के समीप,हनुमानगंज एवं पटखौली पुल के समीप पेड़ सड़क पर गिर पड़े हैं जिसके चलते आवागमन बाधित है। कुछ यही हाल सुखपुरा-बांसडीह, सुखपुरा-गड़वार आदि मार्गो…

बारिश का प्रलय : कहीं दुकानों में घुसा पानी तो कहीं जमींदोज हुए मकान

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रेवती (बलिया)। चार दिनो से हो रही लगातार बारिश के दौरान गत बुधवार की रात से गुरूवार को सुबह तक नगर क्षेत्र में हुई भारी बरसात व तेज हवा के चलते अनेक पेड़ व मकान धरासयी  हो गये । नाला का पानी सड़क पर बहने से मकानों व दुकानों में वर्षा का पानी घुस गया । विद्युत आपूर्ति 24 घंटे से ठप रहने से सामान्य जन जीवन काफी अस्त ब्यस्त सा रहा। 

स्थानीय थाना के सामने स्थित मस्जिद से सटे बेनी माधव व विश्वनाथ केशरी का पुराना ईट का बना जर्जर मकान गुरूवार को तेज आवाज के साथ भरभरा कर गिर गया । बरसात से सड़क सन्नाटा से कोई हादसा नही हो पाया । दखिन टोला वार्ड नं 14 में शाहा देव राय का  ईट का दो पुराना मकान भी धरासायी हो गया । उत्तर दोला जोगी बाबा के स्थान पर स्थित 70 वर्ष से अधिक पुराना बरगद का पेड़ व बड़ी बाजार पोखरे के समीप भगवती मंदिर के पास  बैर का बड़ा पेड़ जड़ से उखड़ गया । सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र , पशु चिकित्साल व बी आर सी केन्द्र बरसाती पानी से तालाब में तब्दील हो गया है । नगर के गुदरी बाजार मे नाला का पानी सड़क पर से बहने लगा । मठिया बाजार मे अरविंद केशरी की दुकान में बरसाती पानी घुसने से हजारों…

चहुओर खामोशी का मंजर, दिख रहा बस पानी ही पानी

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सिकंदरपुर, बलिया। पिछले पांच दिनों से अनवरत हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह से ही बस स्टेशन चौराहे से लेकर पूरे नगर तक सड़के सूनी दिखलाई दे रही थी। नाममात्र की दुकान ही खुले हुए थे। वह भी दुकानदार के अलावा दुकानों पर ग्राहकों का कोई नामोनिशान नहीं था। नगर के रहिलापाली व मुड़िया पुर के मुहल्लों में कई लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाने से उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। लोग किसी प्रकार से अपने बाल बच्चों सहित आसपास के लोगों के घरों या ऊंचे स्थान पर जाकर रहने को बाध्य हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब लगातार हो रही बारिश से हमारा मन ऊब चुका है। अब लोग इंद्र के कोप को शांत करने के लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं। वहीं देहात क्षेत्रों में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाने से घर में रह रहे लोगों सहित मवेशियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


By-Sk Sharma

गोष्ठी में नारी सशक्तिकरण पर दिया बल

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सिकन्दरपुर, बलिया। बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर स्कूली छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। संयुक्त टीम ने स्थानीय गंगोत्री इंटर कांलेज में गोष्ठी का आयोजन कर छात्राओं को नारी सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यद्वपि कि लगातार हो रही बारिश से छात्राओं की उपस्थिति बहुत कम रही। बाल कल्याण समिति के सदस्य राजीव सिंह ने महिला सुरक्षा के उपाय के बारे में बताया और जरूरत के समय हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने की सलाह छात्राओं को दी। जिला बाल संरक्षण इकाई की अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि अगर उनकी सुरक्षा को कहीं खतरा हो तो महिला हेल्पलाइन नंबर पर तत्काल फोन कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। महिला हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न के लिए 181 नंबर पर, छेड़खानी और मोबाइल से अशिष्ट मैसेज भेजने पर 100 नंबर पर, बालश्रम भूले भटके बच्चों और बेसहारा बच्चों के मिलने पर 1098 नंबर पर, गंभीर स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु 108 नंबर पर पर फोन कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती है। इस दौरान महिला कल्याण विभा…

हो रही आफत की बरसात, बेपटरी हुआ जनजीवन

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चिलकहर(बलिया)। लगातार हो रही बारिश के कारण वर्षों पुराना पेड़ धराशाई  होकर जमीन पर गिरा चपेट में आने से बाल-बाल बचे लोग। पांच दिनों से अनवरत पड़ रही बारिश और चल रही तेज हवा के झोंकों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। लोगों के जरूरत के सामान भी मिलने अब मुश्किल हो रहे हैं। कारण की निरंतर हो रही तेज बारिश से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं क्षेत्र के मोहल्लो व गांवो की गलिया मे बुधवार की शाम तेज बारिश और हवा के झोंकों से पानी जमा हो गया तो पुराने पेड गिर  गये। जिसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे लोग। गनीमत है कि बारिश के कारण लोग घरों के अंदर थे। अन्यथा की स्थिति में मुख्य मार्ग होने के कारण वहां आवागमन हमेशा होता रहता है । बारिश के कारण स्कूली विद्यार्थियों व कॉलेज छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी बारिश के चलते स्कूल भी नहीं जा पाए। गौर रहे कि मौसम विभाग ने आगामी पांच-छह दिनों तक खराब मौसम के आसार जताए हैं। चिलकहर क्षेत्र में रविवार सुबह से ही खराब मौसम हो गया था। जिसके बाद लगातार बारिश जारी है। बारिश के कारण जहां …

सड़क पर गिरा पेड़, आवागमन अवरुद्ध

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रतसर (बलिया)। बुद्धवार की सायं से ही हो रही अनवरत बारिश ने क्षेत्र में प्रलय मचा दिया है। बारिश के साथ-साथ हवा के तेज झोंकों ने पेड़-पौधों की जड़े हिला दी है जिसके कारण रतसर - सुखपुरा नहर मार्ग पर शीशम का पेड़ गिरने के कारण दो दिनों से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। इस नहर मार्ग से रोजाना स्कूल जाने के लिए दर्जनों गाड़िया बच्चों को लेकर स्कूल जाती है। बुद्धवार की शाम को तेज बारिश के चलते शीशम का पेड़ मुख्य मार्ग पर गिर गया। बाइक, साइकिल व टेम्पों चालक जान जोखिम में डालकर निकल जा रहे थे पर बड़े वाहन ट्रक, ट्रैक्टर-टाली आदि गाड़ियों के पहिया जाम हो गए।

रिपोर्ट धनेश पाण्डेय

टूटी माइनर, सैकड़ों एकड धान की फसल जलमग्न

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रतसर (बलिया)। गड़वार विकास खण्ड के जनऊपुर गांव के सामने बुद्धवार को रतसर - सुखपुरा नहर माइनर के टूट जाने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है। इसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा विभाग को देने के बावजूद कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों के मुताबिक रजवाहा के टूट जाने से पानी की धारा बहने लगी। इसकी जानकारी खेत की तरफ गए किसानों को हुई तो वह बांधने का प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। धीरे-धीरे तीन मीटर से अधिक चौड़ाई में रजवाहा के टूट जाने से पानी सीधे खेतों में जाने लगा। शाम तक आस-पास सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई। गांव के किसान करीमन राम, सुनील कुमार, मुन्नीनाथ का कहना है कि अभी बीते सप्ताह ही धान की रोपाई कराई गई है। पौधे छोटे-छोटे है, डूब जाने से फसल बर्बाद हो जाएगी। नहर विभाग के लापरवाही से किसान आक्रोशित है। बताते चले कि विगत वर्ष भी इसी जगह से नहर टूट जाने के कारण सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी।


रिपोर्ट धनेश पाण्डेय