कुत्ते के लिए एसी कमरे, सुबह-शाम नाश्ता-भोजन : पूरे ठाट-बांट के साथ रहता बलिया का TOOFI, देखें Video



बलिया : भीषण ठंड में रूम हीटर और तपती गर्मी में वातानुकूलित (AC) कमरे में रहना काफी सुकून देता है, लेकिन यह हर इंसान को नसीब नहीं हो पाता। पर उत्तर प्रदेश के बलिया में एक ऐसा घर है, जहां इंसान की कौन कहे कुत्ता (Dog) के लिए भी एयर कंडीशंड कमरे हैं। यहां कुत्ता गर्मी में पंखे और एसी में तो ठंड में कंबल में आराम फरमाता हैं। सुनकर अचरज होगा, लेकिन यह सच है। बलिया के एक युवा पत्रकार ने अपने घर में पालतू कुत्ता के लिए शानदार आशियाना बना दिया है, जिसमें कुत्ता परिवार के सदस्य की तरह रहता हैं। पत्रकार की मां उसके लिए सुबह-शाम भोजन पकाती हैं और कुत्ता परिवार के सदस्यों के साथ उसे ग्राह्य करता है।

बलिया सदर तहसील क्षेत्र के अगरौली गांव निवासी आशीष दूबे युवा पत्रकार है। उनकी मां गृहणी और पिता किसान है। आशीष बताते है, 'बचपन से ही उन्हें जीव-जन्तुओं से प्रेम है। बचपन में छोटे-छोटे कुत्तों के बच्चों को पकड़कर घर लेकर आ जाता था। कुत्तों के प्रति मेरा लगाव देख, पापा ने 'पवेलियन डॉग' खरीद दिया। करीब सात साल बाद उसकी मौत हो गई। फिर 'ग्रेडेन डॉग' के रूप में घर में नये मेहमान की इंट्री हुई। परिवार की सदस्य की तरह 'पवेलियन डॉग' रहा। साथ रहना, खाना और उठना-बैठना, अच्छा लगता था। लेकिन 9 साल बाद उसने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। तीसरे मेहमान के रूप में लैब्रा का क्रासविड घर आया, लेकिन उसका भी ज्यादा दिन साथ नहीं रहा।
आशीष के मुताबिक, फरवरी 2025 में घर का चौथा मेहमान 'लहासो एप्सो डॉग' बना है। 27 जनवरी 2025 को जन्में इस कुत्ते को लखनऊ से पशु चिकित्सक डॉ. वी कुमार की देख रेख में लाया है। इसका जन्म प्रमाण पत्र (Date of Birth certificate) भी बना है। इसका नाम टूफी (Toofi) रखा गया है। इसके लिए एसी कमरा, सुसज्जित बेड और कम्बल है। टूफी सुबह में अमरुद्ध, सेव, गाजर, खीरा या सोयाबीन से नाश्ता करता है। 10 बजे के आस पास टूफी रोटी-दूध खाता है, जबकि दोपहर में चावल-दही से डीनर करता है। रात में अंडा-रोटी इसका पसंदीदा भोजन है।
किचन से बेडरूम तक रहता है टूफी
बहुत से लोग अपने कुत्तों को सिर्फ़ पालतू नहीं, बल्कि परिवार का अहम हिस्सा मानते हैं और उन्हें घर के अंदर रखते हैं। उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और भावनाओं का पूरा ख्याल रखते है, ताकि वह परिवार के साथ एक मजबूत बंधन बना सकें। आशीष बताते है कि, उनके अलावा परिवार का हर सदस्य Family Members की तरह टूफी को बच्चों जैसा स्नेह देते हैं। टूफी भी दिनभर उनके साथ रहता और खेलता है। टूफी से इतना स्नेह हो गया है कि हर पल वह उनके आगे-पीछे करते रहता हैं। मां किचेन में खाना बना रही होती हैं तो वहां बैठ जाता हैं।
टूफी के लिए पलना
कुत्ता पालने के लिए प्यार, समय, सही पोषण और उचित देखभाल ज़रूरी है। इसके लिए भोजन, पानी, बिस्तर, खिलौने जैसी बुनियादी चीज़ को कौन कहे, Toofi के लिए पलना भी लगा है। Toofi को रोज़ाना भरपुर समय देना दिया जाता है और उसकी ज़रूरतों को समझकर पूरा किया जाता है।

परसाद पहले न मिले तो रुठ जाता हैं टूफी
कुत्ते कई बार खौफ का कारण बन जाते हैं। कई लोग इन्हें मारते-पीटते हैं। इनके प्रति एक नकारात्मक भावना रहती है। लेकिन यहां आकर आपकी भावना पूरी तरह बदल जाएगी। आशीष बताते है कि सुबह मां घर में पूजा करती है। घंटी बजते ही टूफी पहुंच जाता है। पूजा के बाद सबसे पहले टूफी को परसाद चाहिए, वरना रूठ जाता है। यही नहीं, उस दिन न तो भोजन करता न आगे-पीछे घूमता है। नाराजगी का आलम यह होता है कि, पूरे दिन अपने कमरे में बैठा रहता है। बहुत मनाने-समझाने के बाद मानता है।
भोला प्रसाद

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