UGC के नए कानून का विश्वव्यापी ब्राह्मण एकता महासंघ ने जताया विरोध, राष्ट्रपति को सौपेंगे ज्ञापन



बलिया : विश्वव्यापी ब्राह्मण एकता महासंघ (रजि.) भारत की जिला इकाई की बैठक जिला मुख्यालय स्थित नारायणी टाकीज परिसर में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून का पुरजोर विरोध किया गया। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने निर्णय लिया कि होली बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में प्रस्तावित कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की जाएगी।
संगठन का मानना है कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 धर्म, जाति और सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।विश्वव्यापी ब्राह्मण एकता महासंघ के आजमगढ़ मंडल अध्यक्ष पंडित नवीन शुक्ला ने कहा कि वर्तमान सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम में वर्ष 2012 के बाद वर्ष 2026 में संशोधन कर यह नया बिल प्रस्तुत किया है, जो शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित करेगा। इसे जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की जायेगी। कहा कि शिक्षा नीति में किसी भी प्रकार का बदलाव सभी वर्गों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। इसे वापस लेना ही जनहित में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वी अध्यक्ष उत्तर-प्रदेश पंडित कन्हैया पाण्डेय व संचालन मंडल अध्यक्ष पंडित नवीन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हर्ष चौबे, मंडल महासचिव पंडित आनंद शंकर मिश्र, मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रतीक अंशुमाली पाण्डेय, जिलाध्यक्ष पंडित संजय पाण्डेय, पंडित नरेन्द्र उपाध्याय, पंडित विनोद पाण्डेय इत्यादि मौजूद रहे।

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