फर्जी दरोगा बन लोगों पर रौब गांठता था सब-इंस्पेक्टर का बेटा, पुलिस ने पकड़ा

फर्जी दरोगा बन लोगों पर रौब गांठता था सब-इंस्पेक्टर का बेटा, पुलिस ने पकड़ा

UP News : उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान फर्जी दरोगा गौरव शर्मा को गिरफ्तार किया। उसकी कार से पुलिस की वर्दी, कैप और यूपी पुलिस का आईडी कार्ड मिला है। गौरव मथुरा का रहने वाला है। वह डेढ़ साल से शाहजहांपुर में दरोगा बनकर किराए के घर में रह रहा था। गौरव शर्मा के पिता यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। गौरव शर्मा ने बताया कि पिता को देखकर शौक में वर्दी सिलाई। फिर वही वर्दी पहनकर लोगों पर रौब जमाता था। टोल भी नहीं देना पड़ता था। उसे उम्मीद थी कि उसकी बड़े परिवार में शादी होगी। मामला खुटार थाना क्षेत्र का है।

सोमवार रात खुटार थाना पुलिस ऑपरेशन तलाश के दौरान पूरनपुर रोड स्थित ओवरब्रिज के पास चेकिंग कर रही थी। तभी पुलिस ने एक कार को रोका। कार की पीछे वाली सीट पर पुलिस की वर्दी मिली। बोनट पर पुलिस की कैप रखी थी। पुलिस ने कार चला रहे गौरव शर्मा से पूछताछ की, तो उसने खुद को दरोगा बताया। पुलिस को हाव-भाव और उसके बोलने के लहजे से शक हुआ। कुछ सवाल किए तो गौरव उनका जवाब नहीं दे पाया। इससे उसका झूठ पकड़ा गया।

गौरव ने बताया कि वह मथुरा के थाना कृष्णानगर क्षेत्र के जनकपुरी का रहने वाला है। BA तक पढ़ाई किया है। पिता राकेश शर्मा सब-इंस्पेक्टर हैं। लॉकडाउन के दौरान पिता का प्रमोशन हुआ, तब वह सब-इंस्पेक्टर बने। वह इस समय गाजियाबाद के शालीमार गार्डन इलाके में तैनात हैं। पिता को वर्दी में देखकर मुझे भी वर्दी पहनने का शौक लग गया। इसीलिए दरोगा की वर्दी सिलाई।

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गौरव डेढ़ साल से शाहजहांपुर के खुटार कस्बे में संजय त्रिपाठी के मकान में किराए पर रह रहा था। उसने मकान मालिक को बताया था कि उसकी तैनाती सीधे एडीजी के आदेश पर हुई है। वह खुटार इसलिए आया, क्योंकि यह पीलीभीत और लखीमपुर के नजदीक है। वह कभी खुद को पीलीभीत, तो कभी लखीमपुर में पोस्टेड बताता था। ड्यूटी पर जाने की बात कहकर अक्सर वर्दी पहनकर ही घर से निकलता था।

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गौरव ने पुलिस को बताया कि वर्दी पहनकर मैं इलाके में लोगों पर रौब गांठता था। वर्दी पहना मेरा शौक है। कार से सफर करने के दौरान मैं कभी वर्दी पहन लेता था, तो कभी वर्दी कार में रख लेता। पुलिस कैप बोनट पर रख लेता, जिससे मुझे टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था। वर्दी पहनकर घूमने से सबको लगने लगा कि वह दरोगा है। गौरव को पूरी उम्मीद थी कि ऐसा करने से उसकी महंगी शादी होगी। अच्छा दहेज मिलेगा।

सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि चेकिंग के दौरान कार में एक व्यक्ति को पकड़ा गया। उसकी कार पर पुलिस लिखा था। पूछताछ में पता चला कि वह फर्जी दरोगा बनकर किराए के घर में रह रहा था। उसके चेहरे और चाल-ढाल से आम लोग समझ नहीं पाते थे कि वह फर्जी दरोगा है। वर्दी पहनकर वह असली पुलिस वाला लगता था। फर्जी दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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