नाबालिग से गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट, फरार दारोगा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित



कानपुर : नाबालिग का अपहरण कर गैंगरेप मामले में आरोपी दरोगा फरार है। दो दिन से अधिक समय तक गिरफ्तारी न होने पर पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मामला कानपुर का है, जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मामले की परतें और भयावह होती चली गईं। पीड़िता के अनुसार रविवार रात करीब 10 बजे वह घर से बाहर निकली थी, तभी एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी उसके पास आकर रुकी। गाड़ी में सवार दो युवकों ने उसे जबरन दबोच कर कार में खींच लिया। इसके बाद उसे सचेंडी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहां शीशे बंद कार के अंदर करीब दो घंटे तक उसके साथ दरिंदगी की गई।
पीड़िता मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन सुनसान इलाके और बंद शीशों के कारण उसकी आवाज बाहर नहीं पहुंच सकी। हर पल वह अपनी जान बचाने के लिए जूझती रही। जांच में सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियो गाड़ी में वारदात हुई, वह भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या की ही थी। आरोप है कि इस घिनौनी वारदात को दरोगा अमित मौर्या ने शिवबरन नाम के एक कथित पत्रकार के साथ मिलकर अंजाम दिया। वारदात के बाद जब पीड़िता की हालत बेहद खराब हो गई, तब आरोपी उसे देर रात उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए।
किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़िता के भाई ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित कीं, लेकिन दो दिन से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसे देखते हुए आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। साथ ही कार्रवाई में ढिलाई बरतने के आरोप में भीमसेन चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित एसीपी को लाइन हाजिर किया गया है। इस पूरे मामले की निगरानी जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस वीके सिंह कर रहे हैं।

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