C और D में फंसे कई विभाग, बलिया डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण; इन दो अफसरों को सख्त हिदायत



बलिया : जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई विभागों की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। सेतु निर्माण योजना में जिले की रैंकिंग डी, ओडीओपी व टूल किट वितरण योजना में डी, विश्वकर्मा श्रम रोजगार योजना में सी, छात्रवृत्ति योजना में डी तथा श्रम विभाग की योजनाओं में भी डी रैंकिंग दर्ज की गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने- अपने विभाग की कार्य प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि आगामी समीक्षा में जिले की रैंकिंग ए श्रेणी में लाई जा सके।
एक करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही विभिन्न विभागों एवं कार्यदाई संस्थाओं द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान यूपीपीसीएल की कार्यदाई संस्था द्वारा कृषि केंद्र निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर व चिलकहर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे खाकी बाबा मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगरा स्थित तालाब में कराए जा रहे सीढ़ी सौंदरीकरण कार्य का सत्यापन कराने के लिए जिलाधिकारी ने नगरा के खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांच करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक करोड़ से अधिक एवं पांच करोड़ रुपये तक की सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। कार्य में लापरवाही बरतने वाली कार्यदाई संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
आईजीआरएस प्रगति की डीएम ने की समीक्षा, फीडबैक में लापरवाही पर सख्ती के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनशिकायत निस्तारण प्रणाली आईजीआरएस की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक लिया जाए। साथ ही आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिना संतोषजनक निस्तारण और शिकायतकर्ता की पुष्टि के प्रकरणों को निस्तारण न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा के दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए गए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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