बलिया DM ने रोका तीन एसडीएम और बीडीओ का वेतन, आदेश से मची खलबली



बलिया : जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने न सिर्फ कड़ी नाराजगी जताई, बल्कि संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए।
पीएम सूर्य घर मुफ्त योजना में जिले की रैंकिंग ‘सी’ पाए जाने पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले की 940 ग्राम पंचायतों में से 400 ग्राम प्रधानों की सूची उपलब्ध कराई जाए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि 17 ब्लॉकों से 400 कोटेदारों की सूची दें। वहीं, सप्लाई विभाग को 40 दुकानों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।
जल निगम ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग को अपने-अपने स्तर से स्थानीय ठेकेदारों को सोलर पैनल लगाने के लिए निर्देशित करने तथा ठेकेदारों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही सभी ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों की जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उन्होंने सोलर पैनल लगवाया है या नहीं?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग द्वारा डाटा प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अगले दिन पूरा डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में 19 पैरामीटरों पर कार्य प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में वृद्धावस्था पेंशन के 45 दिन से अधिक लंबित मामलों पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। विकासखंड बेरुआरबारी में 66 आवेदन लंबित पाए जाने पर बीडीओ बेरुआरबारी का वेतन रोकने का आदेश दिया। वहीं तहसील बैरिया, बांसडीह एवं सिकंदरपुर में 45 दिन से अधिक लंबित आवेदनों पर संबंधित तीनों एसडीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। प्रोबेशन विभाग की समीक्षा में भी 45 दिन से अधिक लंबित पेंशन प्रकरण पाए गए। तहसील बैरिया में 25, सिकंदरपुर में 22 एवं बलिया नगर में 17 आवेदन लंबित मिलने पर संबंधित एसडीएम का वेतन रोकने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्लॉक या तहसील स्तर पर 25 दिन से अधिक लंबित आवेदन मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, जबकि 25 दिन से कम लंबित आवेदनों का निस्तारण 5 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।

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