प्रेमिका को तवे से मार डाला, कातिल तक ऐसे पहुंची पुलिस



प्रयागराज : प्रयागराज के करीब शंकरगढ़ में 27 दिसंबर को मिली महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है। महिला की हत्या कोई और नहीं, बल्कि उसके प्रेमी ने ही की थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मर्डर के लिए उसने रोटी सेंकने वाले तवे का इस्तेमाल किया, ताकि महिला को शक न हो। हत्या के 21 दिन तक प्रेमी छिपा रहा, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। इस कत्ल के पीछे की वजह 2 लाख रुपए और करीब 4 लाख रुपए के गहने थे, जिसे महिला को इमोशनल ब्लैकमेल करके हथिया लिया था। थे। अब महिला उन्हें वापस मांग रही थी।
प्रेम, धोखा और कत्ल की यह दास्तां प्रयागराज के शंकरगढ़ का है।करीब 22 दिन पहले शंकरगढ़ क्षेत्र के धवैया में क्षत विक्षत दशा में मिली महिला की लाश मिली थी। लाश की पहचान के लिए शंकरगढ़ थाना पुलिस ने आसपास के थाने में इश्तिहार चस्पा कराया था। 14 जनवरी को मध्य प्रदेश के रीवा जिले का डभौरा गांव निवासी रामाधार ने शंकरगढ़ थाना पहुंचकर लाश की पहचान अपनी बहन ललिता देवी के रूप में की। बताया कि ललिता की शादी 21 साल पहले चाकघाट रीवा निवासी कमलेश से हुई थी। करीब तीन साल पहले कमलेश की मौत के बाद ललिता देवी के मददगार के रूप में उसके ननदोई ने नजदीकियां बढ़ाई।
विधवा का सहारा बनने के बहाने प्यार का नाटक किया। लिव इन रिलेशन में रहने के दौरान प्रयागराज जिले के बारा क्षेत्र के कुड़ी गौहानी निवासी धीरज ने ललिता देवी से दो लाख रुपए नगद और गहने लेकर रख लिए। पुलिस ने ललिता की हत्या के आरोप में उसके ननदोई धीरज को गिरफ्तार कर पड़ताल आगे बढ़ाई तो 27 दिसंबर को लावारिश मिली महिला की लाश का रहस्य परत दर परत खुलता चला गया। पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि ललिता अक्सर उससे रुपए और गहने वापस करने का दबाव डालने लगी थी। प्रेमिका से छुटकारा पाने के लिए उसने घुमाने के बहाने शंकरगढ़ क्षेत्र ले आकर उसकी हत्या करने के बाद झाड़ियों के पास लाश छिपा दी। पुलिस ने हत्यारोपी को जेल भेज दिया।

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