मदर टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल पचरूखिया : दीक्षांत समारोह में दिखा उत्साह, उमंग और प्रेरणा का संगम



मझौवॉ, बलिया : हर स्टूडेंट्स की लाइफ में दीक्षांत समारोह का दिन बेहद खास होता है। इस दिन उन्हें अपनी साल भर की मेहनत का फल मिलता है। इस खास दिन पर छात्र- छात्राओं को सर्टिफिकेट, प्रशस्ति पत्र और पदक से नवाजा जाता है। छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके पैरेंट्स के लिए भी यह दिन बेहद गौरव का पल होता है, जो मंगलवार को मदर टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल पचरुखिया बलिया में देखने को मिला।

समारोह में विद्यालय के सीएमडी अभिजीत किशोर, डायरेक्टर स्वामी रविशंकर जी, प्रधानाचार्या सैकत घोष व शिक्षक ने प्रत्येक क्लास के प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त मेधावी छात्रों को स्मृति चिन्ह, गोल्ड मेडल व पदक से सम्मानित किया। इस दौरान उन विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया, जिनकी उपस्थिति, अनुशासन एवं विभिन्न रचनात्मक क्रियाकलापों में सहभागिता रही। मेधावी छात्रों को सम्मानित होते देख सभी अभिभावक काफी उत्साहित दिखे। दीक्षांत समारोह की खुशी और आनंद बच्चों के साथ, उनके अभिभावकों के चेहरे पर भी साफ नजर आ रहा था।
सीएमडी अभिजीत किशोर ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि शिक्षा की शुरुआत है। दीक्षांत समारोह हर विद्यार्थी के लिए गौरव का क्षण होता है। जीवन में सीखने की प्रक्रिया सतत बनी रहनी चाहिए। जीवन भर विद्यार्थी बने रहेंगे तो हमेशा सर्वश्रेष्ठ रहेंगे। समय के साथ खुद में बदलाव लाएं और अपने प्रयास से आसपास की दुनिया को भी सकारात्मक रूप से बदलने का प्रयास करें। उन्होंने सभी छात्र- छात्राओं की उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं की।विद्यालय के मुख्य प्रबंध निदेशक स्वामी रविशंकर जी ने कहा कि दीक्षांत समारोह आपके शैक्षिक विकास में एक महत्वपूर्ण आधारशिला है।

आप द्वारा अर्जित की गई शिक्षा और पुरस्कार आपके कठोर परिश्रम और गहन समर्पण का परिणाम है। आप सबके लिए यह उतना ही गर्व का क्षण है, जितना आपके शिक्षकों, मार्गदर्शकों और अभिभावकों के लिए है। सीखना कभी समाप्त न होने वाली प्रक्रिया है, जो आपको नई सीमाओं तक पहुंचने के लिए सशक्त करेगी। इस दीक्षांत समारोह के अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर , प्रधानाचार्या सैकत घोष, उप प्रधानाचार्य सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वहीं, विद्यालय के प्रबंधक प्रेम किशोर ने सभी अभिभावकों का आभार प्रकट किया।

मदर टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल में वार्षिक परीक्षा फल का वितरित
मदर टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल पचरुखिया में वार्षिक परीक्षा फल का वितरण मंगलवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य सैकत घोष ने दीप प्रज्वलन करके किया। कहा कि परीक्षा फल का उद्देश्य आत्म मूल्यांकन है। इससे प्रेरणा लेकर दिन प्रतिदिन सुधार की प्रतिक्रिया में अग्रसर होना चाहिए। अभिजीत किशोर ने कहा कि जिन बच्चों का परीक्षा फल अच्छा रहा, वह नए सत्र में उसे और अच्छा करने का प्रयास करेंगे। वहीं जिन बच्चों का परीक्षा फल ठीक नहीं रहा, वह उससे प्रेरणा लेकर अधिक मेहनत करेंगे। अरविंद वर्मा ने कहा कि विद्यार्थी जीवन ही सर्वश्रेष्ठ जीवन है। यह फिर दोबारा नहीं मिलेगा। शिक्षक रमेश सिंह ने कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। परीक्षा से हमें और आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। प्रदीप सिंह व आकाश सिंह ने कहा कि परिश्रम से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। अविनाश शर्मा ने कहा कि मनुष्य परिश्रम करके जीवन के उच्चतम मूल्यों को प्राप्त कर सकता है। पुरस्कार वितरण के उपरांत सभी बच्चों में उनका वार्षिक परीक्षाफल वितरित किया गया। इस सौसर पर सभी शिक्षक गण व शिक्षिकाएं उपस्थित रही।

सफलता के लिए निरंतरता आवश्यक : प्रबंधक
मदर टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल पचरुखिया के प्रांगण में वार्षिक परीक्षा परिणाम एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम का आरंभ विद्यालय के प्रबंधक प्रेम किशोर प्रधानाचार्य सैकत घोष निर्देशक स्वामी रविशंकर जी आदि ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय प्रबंधक प्रेम किशोर ने कहा कि हमारे जीवन की नीव इस स्कूल में ही बनती है। सफलता के लिए निरंतरता बहुत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। अपने अंदर हीन भावना कभी ना आने दे। लक्ष्य के लिए निष्ठा से लगे रहे और अपनी गलतियों से सीखे उनकी पुनरावृत्ति न होने दे। अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजना बनाकर अध्ययन करना चाहिए ।वार्षिक परीक्षा में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले एवं विभिन्न क्षेत्र में विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाले छात्रों को मेडल व विभिन्न प्रकार के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। परीक्षा फल प्राप्त करके बच्चे खुशी से झूम उठे और अभिभावक भी उनकी इस खुशी को देखकर फूले नहीं समा रहे थे। शैक्षिक निर्देशन स्वामी रविशंकर जी ने कहा कि विद्यालय में ग्रहण किए गए संस्कारों का जीवन भर प्रभाव रहता है। हमें सभी वर्ग के बच्चों को जागरुक एवं शिक्षित करना चाहिए, जिससे वह समाज में और देश में अपना नाम रोशन कर सके। प्रधानाचार्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।
हरेराम यादव

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