बलिया : IAS अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में समय का सदुपयोग करेंगे बाहर से आए श्रमिक

बलिया : IAS अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में समय का सदुपयोग करेंगे बाहर से आए श्रमिक


बलिया। देश के विभिन्न हिस्सों से आ रहे लोगों, खासकर श्रमिकों को क्वारंटाइन के दौरान रोजगारपरक प्रशिक्षण देने की भी पहल की जा रही है। इससे कार्यों की जानकारी लेने के साथ समय का सदुपयोग भी कर सकेंगे। इसके लिए रोजगार क्षेत्र में काम करने वाले विभाग जिला उद्योग केंद्र, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), आईटीआई, रोजगार कार्यालय और कौशल विकास मिशन मिलकर काम करेंगे। ये सभी विभाग संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशन में काम करेंगे। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने श्रीमती गर्ग को नोडल अधिकारी बनाकर यह जिम्मेदारी सौंपी है।

डीएम श्री शाही ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत देश के विभिन्न महानगरों में कार्य करने वाले व्यक्ति भारी संख्या में जनपद में वापस आ रहे हैं। छह हजार से अधिक व्यक्ति जनपद में वापस आ चुके हैं, जबकि विभिन्न महानगरों में  फंसे व्यक्तियों को चरणबद्ध रूप से वापस लाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है और वापसी शुरू भी है। आने वाले व्यक्तियों में अधिकांश छोटे उद्योग, व्यवसाय, दैनिक मजदूरी तथा फैक्ट्रियों में कार्य करने वाले मजदूर हैं, जिनकी सम्भावित संख्या 10 हजार के आसपास है। इस प्रकार कुशल व अकुशल श्रेणी के दैनिक मजदूरों की संख्या लगभग 16 हजार होंगे। 

ऐसे व्यक्तियों को मनरेगा के अतिरिक्त रोजगार के अन्य अवसर भी उपलब्ध कराने के लिए जनपद में एक समेकित कार्ययोजना बनाने का प्रयास हो रहा है। इसके लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (स्वतः रोजगार) अन्नपूर्णा गर्ग को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इनके द्वारा ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में आ रहे इन अतिरिक्त लोगों का सर्वे कराकर एक कार्ययोजना तथा उसके क्रियान्वयन की कार्यवाही की जाएगी। रोजगार क्षेत्र में कार्य करने वाले विभाग इनके निर्देशन में काम करेंगे। 

कौन किस क्षेत्र में है माहिर, इसका होगा सर्वे

बाहर से आने वाले लोगों में सबसे ज्यादा श्रमिक या मजदूरों की संख्या है। ऐसे में कौन किस क्षेत्र में माहिर है इसका सर्वे होगा। पांच विभागों की बनाई गई समिति समिति क्वारंटाइन के दौरान सुनियोजित ढंग से सोशल डिस्टेसिंग व सतर्कता बरतते हुए उनकी कुशलता के क्षेत्र का सर्वे करेगी। साथ ही क्वारंटाइन की अवधि में ही रोजगारपरक कार्यों के प्रशिक्षण देने की पहल करेगी। इसका उद्देश्य यही है कि इस खाली समय का बेहतर सदुपयोग कर सकें।

योग-प्राणायाम से जुड़ी संस्थाओं का भी लिया जाएगा सहयोग

क्वारंटाइन सेंटर में लोगों को रखा जाएगा। इसमें रोजगार प्रशिक्षण देने के अलावा आवश्यकतानुसार योगा-प्राणायाम व ध्यान से सम्बन्धित संस्थाओं व अन्य गैर सरकारी संस्थाओं का भी इस कार्य में सहयोग लिए जाने पर विचार हो रहा है। पांच विभागों की यह  समिति जनपद में आने वाले व्यक्तियों को महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित सूती कपड़े का दो-दो मास्क भी उपलब्ध कराएगी।

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