बलिया : बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी का बड़ा फैसला, दलनछपरा से जुड़ा है मामला

बलिया : बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी का बड़ा फैसला, दलनछपरा से जुड़ा है मामला

बलिया : बैरिया तहसील क्षेत्र के मौजा दलनछपरा में दो दशकों से लटके चकबंदी प्रक्रिया में चकबंदी विभाग के 31 अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी बलिया सचेन्द्र कुमार सिंह ने अंततः दलन छपरा निवासी सुशील कुमार पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाते हुए उनके चक पर अंकित फर्जी अमलदरामद निरस्त कर दिया है। वहीं, किसानों से चकबंदी पर्ची वापस लेने के लिए छः लेखपालों को दलन छपरा भेजा गया है, जो ऐसे लोगों को चिन्हित कर रहे हैं जिन पर चकबंदी की प्रक्रिया में विभागीय कर्मियों से मिलकर घाल मेल करने का अंदेशा है। उनसे चक पर्ची वापस लिया जा रहा है। इससे दलन छपरा मौजा के आधा दर्जन गांवों में हड़कंप मचा है।

दो दशकों से दलन छपरा की चल रही चकबंदी प्रक्रिया में दबंगों ने विभागीय लोगों की मिली भगत से भ्रष्टाचार के सहारे सरकारी व गैर सरकारी जमीन पर अपना नाम दर्ज कराने, गरीब और कमजोर लोगों की जमीन पर अपना चक बनवाने सहित कई तरह की अनियमितताएं बरती गई है। पूरा गांव त्रस्त था, लेकिन किसी ने इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। अंततः सुशील कुमार पांडे ने इस प्रकरण को प्रमुख सचिव से लेकर चकबंदी आयुक्त के दरबार में उठाया।

सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने सुशील पांडे के आरोपो को सही बताते हुए निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था, जिसके क्रम में 31 चकबंदी के अधिकारियों कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें बंदोबस्त अधिकारी से लेकर लेखपाल तक शामिल हैं। इसके बाद मामला तूल पकड़ लिया। इस चकबंदी में करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन का आरोप लग रहे हैं। अब सुशील पांडे के आरोप को सही पाते हुए उनके पक्ष में बंदोबस्त अधिकारी ने निर्णय दिया है। इससे गांव के लोगों को अपनी जमीन मिलने की आस जगी है।

गौरतलब है कि चकबंदी में फर्जी करने वाले दबंग लगातार हाथ पैर मारकर चकबंदी को रद्द होने से बचाने में लगे हुए हैं, किंतु विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद चकबंदी विभाग फूंक फूंक कर कदम रख रहा है। देखने वाली बात यह होगी की चक पर्ची बटोरने के बाद यहां क्या होता है ?


दलन छपरा के चकबंदी में अनियमितता हुई है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। मैंने दलन छपरा निवासी सुशील पांडे बनाम ब्रिज किशोर आदि के मुकदमे को खारिज करके गुण दोष के आधार पर उसका निस्तारण कर दिया है। सुशील पांडे के आरोप सही है। इसी तरह के आरोप से संबंधित कई प्रकरण है, जिस पर तत्काल गुण दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ेगी तो दलन छपरा का चकबंदी दोबारा की जा सकती है। फिलहाल चक पर्ची एकत्र किया जा रहा है। मामला काफी पुराना है। इसलिए कठिनाई हो रही है, किंतु  एक भी काश्तकार के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। किसी को भी गरीब व कमजोर लोगो का जमीन लूटने की छूट नही दी जायेगी।

सचेन्द्र कुमार सिंह, बन्दोबस्त अधिकारी बलिया

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