असली पत्नी कौन ? बलिया के इस गांव में घंटों चली पंचायत 

असली पत्नी कौन ? बलिया के इस गांव में घंटों चली पंचायत 

सिकंदरपुर, बलिया : नगर पंचायत सिकंदरपुर से सटे चकखान (बंगरा) में गुरुवार को एक ऐसी पंचायत हुई, जिसकी वजह जानकर आप हैरान हो जायेंगे। जी हां, मामला हृदय नारायण प्रजापति की पत्नियों को लेकर था। पंचायत में निर्णय होना था कि हृदय नारायण की असली पत्नी कौन ? मालती या मीना या फिर दोनों ? करीब 45 साल बाद उठे इस सवाल से न केवल परिवार परेशान है, बल्कि इस दास्तां को सुनने व जानने वाला हर शख्स हैरान है। 
 
नवानगर ब्लॉक क्षेत्र के बंगरा गांव की इस कहानी ने अधिकारियों को भी पशोपेश में डाल दिया है। पति-पत्नी के रिश्तों वाला यह मामला न्यायालय की चौखट से होता हुआ गांव की पंचायत में पहुंचा है। इसके लिए गुरुवार को पंचायत भवन पर घंटे माथापच्ची हुई। सबके अपने अपने तर्क थे। एडीओ पंचायत, सचिव व प्रधान प्रतिनिधि की मौजूदगी पर प्रतिवादी पक्ष की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा। मौके पर मौजूद अधिकतर लोगों का यह मानना था कि हृदय नारायण ने दो शादियां की थीं। 
 
परिवार रजिस्‍टर की नकल ने उलझाया मामला
 
इस प्रकरण की शुरुआत हृदय नारायण की मौत के बाद हुई। परिवार रजिस्टर की नकल के लिए ब्लॉक कार्यालय पहुंचे मृतक के पुत्र अरुण ने पंजिका में मीना पत्नी हृदय नारायण का दर्ज पाया तो आपत्ति जताई। लेकिन संबंधित सचिव द्वारा मीना का नाम पूर्व से जुड़े होने की बात बताई गई। पर अरुण, मीना का नाम हटा कर कुटुम्ब रजिस्टर की नकल जारी करने पर अड़ा रहा। जिसे ग्राम पंचायत सचिव ने खारिज कर दिया। प्रकरण में हैरतंगेज मोड़ तब आया, जब मीना को इस बात की भनक लगी। मीना ने  ब्लॉक से लगायत जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपने को हृदय नारायण की पत्नी बताया। इसके बाद अफसरों की चौखट पर पंचायत का सिलसिला शुरू हो गया। 
 
मीना के इरादों पर न्यायालय ने फेरा पानी
 
बेशक पंचायत ने इस तथ्य को स्वीकार किया हो कि हृदय नारायण ने दो शादी की थी, लेकिन पांच वर्ष पूर्व एफटीसी तृतीय की अदालत मीना के इरादों पर पानी फेर चुकी है। साल 2014 में मीना ने एफटीसी तृतीय के समक्ष वाद दाखिल कर अपनी कथित पुत्री दुर्गावती के लिए भरण पोषण की मांग की थी। चार साल की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन अपर परिवार न्यायाधीश प्रण विजय सिंह ने वाद को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वादी द्वारा प्रस्तुत कोई साक्ष्य उसे हृदय नारायण की पत्नी होना साबित नहीं करता। 
 
पंचायत में सामने आई कहानी
 
बीडीओ नवानगर देवेंद्र वर्मा के आदेश पर एडीओ पंचायत मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई थी। तय हुआ कि पंचायत ही असली कहानी बताएगी। हालांकि कुल 2000 की आबादी वाले गांव के 20 फीसद यानि 400 लोगों का उपस्थित होना जरूरी था, पर 100- 125 लोग ही पहुंचे। कोरम के अभाव के बाद भी मौके पर मौजूद राजेंद्र प्रजापति, रविंद्र प्रजापति, गुलईची देवी, दीनानाथ प्रसाद, देवांति, मानबसी देवी, मंजू देवी, भोला राय, वीरेंद्र यादव, राजनाथ राजभर, जितेंद्र ने हृदय नारायण की दो शादी होने की बात स्वीकारी, पर यह भी कहा कि शादी के दो साल बाद ही इनका संबंध विच्छेद भी हो गया था। वहीं अरुण खरवार, पंकज, अनिल प्रजापति, शिवशंकर व श्यामदेव ने मीना के दावे को षडयंत्र करार देते हुए खारिज किया। देखना दिलचस्प होगा कि बगैर कोरम एडीओ पंचायत इस मसले पर क्या निर्णय लेते हैं। 
 
अतुल कुमार राय

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