बलिया में वादी मुकदमा ही निकला हत्यारा... अभिषेक हत्याकांड में चाचा-चाची गिरफ्तार, सामने आया चौकाने वाला सच



बलिया : रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना में सहतवार पुलिस ने नौ वर्षीय अभिषेक प्रजापति की हत्या का राजफाश किया है। संतान न होने पर मिलने वाले उलाहनों से क्षुब्ध होकर सगे चाचा ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर मासूम को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली गई है। सिंगही निवासी गणेश प्रजापति को संतान नहीं होने को लेकर अक्सर अपनी भाभी से विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, भाभी के तानों से परेशान गणेश और उसकी पत्नी अमृता ने अपने भतीजे अभिषेक को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
25 जनवरी को गणेश ने गांव के ही एक किशोर के माध्यम से अभिषेक को पतंग दिलाने के बहाने बुलाया। इसके बाद वह उसे बाइक पर बैठाकर चांदपुर पुरानी बस्ती के पास सरयू नदी के किनारे ले गया। वहां उसने मासूम के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार किए और मरणासन्न स्थिति में उसे नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने ही देर शाम अभिषेक के गायब होने के बाद गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 31 जनवरी को सरयू नदी के बंधे के पास बालक का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने मामले के राजफाश के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शनिवार सुबह ताहिरपुर रोड से भागने की फिराक में खड़े आरोपित चाचा चाची को दबोच लिया।
आरोपित गणेश ने मासूम को ले जाते समय जिस किशोर की मदद ली थी, उसे भी हत्या के बाद डराया धमकाया था। उसने किशोर से कहा था कि अगर किसी को बताया कि अभिषेक उसके साथ गया है, तो वह उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, तीन मोबाइल फोन और आरोपित के खून लगे कपड़े बरामद किए हैं। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध हत्या व संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। इस जटिल मामले का अनावरण करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी विश्वनाथ यादव, थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, सर्विलांस टीम के रोहित कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
रोहित सिंह मिथिलेश

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