एक वर्षीय मासूम ने शहीद पिता को दी मुखाग्नि, कलेक्टर समेत अफसर भी हुए भावुक
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हापुड़ : जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए भीषण सड़क हादसे में शहीद हुए हापुड़ जनपद के थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव भटैल निवासी सेना के जवान रिंकल बालियान को शनिवार को उनके पैतृक गांव में नम आंखों से अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए जनपद के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय, पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, हापुड़ विधायक विजयपाल आढती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी गांव भटैल पहुंचे। सभी ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे में कुल 10 जवान शहीद हो गए थे, जिनमें ग्राम भटैल निवासी रिंकल बालियान भी शामिल थे। जैसे ही शहादत की सूचना गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार देर रात तक परिजन और ग्रामीण शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन खराब मौसम के चलते शव नहीं लाया जा सका। शनिवार सुबह सेना के वाहन से जवानों द्वारा शहीद रिंकल बालियान का पार्थिव शरीर गांव लाया गया।
पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। इस दौरान सीओ पिलखुवा अनीता चौहान, एसडीएम सदर इला प्रकाश, थाना प्रभारी हाफिजपुर प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर आंख नम थी और माहौल गमगीन हो गया।
शहीद का पार्थिव शरीर देखते ही मां मंजू देवी और पत्नी रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। भाई ऋषभ किसी तरह मां और भाभी को संभालते नजर आए। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर कोई अपने वीर सपूत की जाबांजी को सलाम कर रहा था। शहीद रिंकल अपने पीछे तीन वर्षीय मासूम बेटी जसप्रीत और एक वर्षीय बेटे राघव को छोड़ गए हैं। मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा कि शहीद रिंकल बालियान की शहादत पर पूरे जनपद को गर्व है और शासन-प्रशासन परिवार के साथ हर कदम पर खड़ा है। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने भी शहीद के बलिदान को अमूल्य बताते हुए कहा कि देश उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलेगा। विधायक विजयपाल आढती ने कहा कि रिंकल बालियान का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। गांव भटैल ने अपने लाल को नम आंखों से अंतिम विदाई दी, लेकिन उसके बलिदान का गौरव हर दिल में हमेशा जीवित रहेगा।
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