गंगा आरती सिर्फ अनुष्ठान नहीं, हमारी संस्कृति की आत्मा है : आचार्य मोहित पाठक



बलिया : कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम के तत्वावधान में रामगढ़ गंगापुर हुकुमछपरा गंगा तट पर आयोजित भव्य गंगा महाआरती में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। दीपों की जगमगाहट, मंत्रों की गूंज और गंगा तट पर अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

गंगा घाट पर जब शाश्वत ज्योति की लौ प्रज्वलित हुई तो पूरा इलाका दिव्यता और भव्यता के अद्भुत संगम में डूब गया। गोधूलि बेला में गंगा की लहरों पर जब दीपों की सुनहरी आभा झिलमिलाई तो महर्षि भृगु धरा की आत्मा सनातन संस्कृति की उजास से आलोकित हो उठी। मां गंगा की गोद से निकलती आस्था की दीपों की रोशनी ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो स्वर्ग स्वयं धरती पर उतर आया हो। आसमान में गूंजती संगीतबद्ध मंत्रोच्चार और गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित रंगों ने दृश्य को और भी दिव्य बना दिया।

गुरुकुल के आचार्य पं. मोहित पाठक जी ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए द्वितीय काशी के निर्माण का संकल्प लिया तथा “नित्य शिवार्चन गुरुकुल गंगा आरती प्रकल्प” से जुड़कर प्रतिदिन गंगा आरती संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को गंगा मैया को स्वच्छ एवं निर्मल रखने की शपथ भी दिलाई। गुरुकुल के बटुकों ने चारों वेदों के वैदिक मंत्रों से आरती स्थल को पवित्र करते हुए ऐसा वातावरण निर्मित किया कि सभी गंगा सेवक मंत्रमुग्ध हो उठे।
दीपों से सजी गंगा आरती दृश्य देखते ही बन रहा था, मानो धरती पर साक्षात् देव उतर आए हो। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने गंगा मैया से राष्ट्र कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सनातन धर्म की अखंड ज्योति के लिए प्रार्थना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि गूंजी तो वातावरण में अद्भुत ऊर्जा का संचार हो गया। आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
आचार्य श्री ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखने का संकल्प भी दिलाया।इस अवसर पर भरसौता प्रधान मनीष सिंह, गंगापुर प्रधान उमेश यादव, अमन, निहाल, राजकुमार उपाध्याय, रिकू सिंह, अजय चौबे, संतोष सिंह, प्राशिसं बेलहरी के अध्यक्ष शशिकांत ओझा, शैलेन्द्र ओझा पिंकू, अर्जुन साह, सोनू गुप्ता समेत इत्यादि भक्तआचार्य शौनक द्विवेदी जी अमन जी मनीष निहाल अजय चौबे जी संतोष सिंह जी सहित अन्य गणमान्य जन समुपस्थित रहे।

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