बलिया ने खो दिया आज़ादी की लड़ाई का आखिरी साक्षी, नहीं रहे सेनानी रामविचार पाण्डेय



बलिया : वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी रामविचार पांडेय का निधन हो गया। वे जनपद के एकमात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही बांसडीह सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, शहीद पंडित रामदहीन ओझा के आवास पर एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों के सदस्यों ने स्व. रामविचार पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
भाजपा नेता प्रतुल कुमार ओझा ने कहा कि रामविचार पांडेय के निधन से स्वतंत्रता आंदोलन में बलिया जनपद के एकमात्र जीवित सेनानी की भागीदारी समाप्त हो गई है। उन्होंने इसे केवल बलिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया। शोकसभा में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष निखिलेश पांडेय, रामानन्द मिश्रा, दिग्विजय सिंह, तेजबहादुर रावत, मूनजी गोंड, आर्यन सिंह, कन्हैया पाण्डेय, रजत श्रीवास्तव, दिनेश मिश्रा सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी ने दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रधानाचार्य रहे रामविचार पाण्डेय जी के आकस्मिक निधन पर समाजवादी पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी के उपाध्यक्ष/प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय "कान्हजी" ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पाण्डेय जी बलिया जनपद के बगावती तेवर और आजादी की लड़ाई में दिए गए योगदान के प्रतीक थे। उनके निधन से बलिया ने अपना एक बहादुर योद्धा खोया है। वे देश व समाज की बेहतरी के लिए आजीवन संघर्षरत रहे। समाजवादी पार्टी उनके निधन पर गहरा शोक पर प्रकट करती है।

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