सलेमपुर में सपा के रमाशंकर राजभर ने रोकी भाजपा की हैट्रिक

सलेमपुर में सपा के रमाशंकर राजभर ने रोकी भाजपा की हैट्रिक

Salempur Loksabha Results 2024 : सलेमपुर संसदीय सीट पर सपा के रमाशंकर राजभर 3573 वोटों के अंतर से जीत गए हैं। उन्हें 405472 वोट मिले हैं। वहीं, भाजपा के रविंद्र कुशवाहा 401899 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं। बसपा से भीम राजभर 80599 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 

भाजपा इस सीट पर पहली बार 2014 के मोदी लहर में जीती थी, जिसे उसने 2019 के संसदीय चुनाव में बरकरार रखा। इस बार भाजपा के सामने इस सीट पर हैट्रिक लगाने की चुनौती थी। यह लोकसभा क्षेत्र में बलिया की बांसडीह, सिकंदरपुर तथा बेल्थरा रोड व देवरिया की सलेमपुर एवं भांटपाररानी शामिल है। 

इस संसदीय सीट पर 1971 के लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस का अनवरत कब्जा रहा। इसके बाद 1977 के चुनाव में यहां से जनता पार्टी विजयी हुई। इसके बाद हुए 1980 और 1984 के दो चुनावों में कांग्रेस ने फिर से अपनी जीत दर्ज की, लेकिन उसके बाद कांग्रेस के लिए इस लोकसभा क्षेत्र पर जीत के लाले पड़ गए। 1989 से इस सीट पर कभी जनता दल तो कभी सपा। कभी समता पार्टी तो कभी बसपा का कब्जा होता रहा है।

यह भी पढ़े बलिया की तीन कन्याओं को मिला टीएससीटी का 'शगुन'

रोहित सिंह मिथिलेश

यह भी पढ़े मेरे बेटे को मौत दीजिए साहब... पिता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों की ऐसी डिमांड

Tags:

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में चोरों ने एक और मंदिर को बनाया निशाना, ताला तोड़कर देवी-देवता का आभूषण और दानपेटी चोरी बलिया में चोरों ने एक और मंदिर को बनाया निशाना, ताला तोड़कर देवी-देवता का आभूषण और दानपेटी चोरी
बलिया : बांसडीह रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत छाता गांव में स्थित भजनाश्रम मंदिर का ताला काटकर चोरों ने देवी-देवताओं का...
National Highway 31 : गाजीपुर से बलिया के मठ योगेन्द्र गिरी तक बनेगी पटरी
Ballia News : पत्रकार को भातृशोक, नहीं रहे डॉ. अशोक कुमार सिन्हा 
Ballia News : माता-पिता की स्मृति में 400 जरूरतमंदों को पुत्र ने ओढ़ाया कम्बल
Ballia News : सवालों के घेरे में मंदिर से चोरी का खुलासा, ग्रामीणों ने घेरा थाना
बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस : CDO बोले-शिकायती पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारित करें जिम्मेदार
18 जनवरी से चलेगी डिब्रूगढ़-गोमतीनगर-डिब्रूगढ़ अमृत भारत एक्सप्रेस : जानिएं रूट, समय-सारणी और इसकी खासियत