इंस्पायर मानक अवार्ड 2026 में चयन के साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में जुड़ा सनबीम बलिया का एक और स्वर्णिम अध्याय



बलिया : विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विद्यार्थियों ने सदैव ही विद्यालय के नाम को सफलता के शीर्ष पर रखा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विद्यालय के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित इंस्पायर मानक अवार्ड 2025-26 के लिए विद्यालय के होनहार छात्र आयुष सिंह (कक्षा 12) और दीपक कुमार (कक्षा 11) का चयन हुआ है।
इन दोनों छात्रों को उनके अभिनव नवाचार आधारित प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से ₹10,000 की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। अब ये छात्र बलिया का प्रतिनिधित्व करते हुए मंडल एवं राज्य स्तर पर अपनी परियोजना का प्रदर्शन करेंगे। इससे पूर्व भी विद्यालय के छात्र अनुपम मिश्रा और अक्ष मिश्रा (2020-21), गुनगुन वर्मा और अथर्व मिश्रा (2023-24) तथा सृष्टि गुप्ता (2024-25) ने यह अवार्ड प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया था।
विद्यार्थियों की उपलब्धियां यह सिद्ध करती हैं कि सनबीम स्कूल केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए सदैव तत्पर रहता है। यह विद्यालय के बेहतरीन मार्गदर्शन और संसाधनों का ही परिणाम है कि पिछले 8 वर्षों से लगातार विद्यालय के छात्र हर साल इंस्पायर मानक अवार्ड में प्रतिभाग कर रहे हैं। पिछले 5 वर्षों से सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से संपूर्ण विद्यालय परिवार में खुशी की लहर है।
विद्यालय निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष और दीपक की यह सफलता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ ही सनबीम स्कूल की उस शिक्षण पद्धति की जीत है, जो रटने की बजाय 'नवाचार' पर जोर देती है। पिछले 5 वर्षों से लगातार हमारे छात्रों का 'इंस्पायर मानक अवार्ड' के लिए चयनित होना यह सिद्ध करता है कि हम सही दिशा में अग्रसर हैं। हमारा लक्ष्य केवल परीक्षार्थी तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिक और समस्या-समाधानकर्ता तैयार करना है।
आशा करता हूँ कि ये मेधावी मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यालय का शानदार प्रतिनिधित्व करेंगे। निदेशक ने कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है, जिसे हम अपने छात्रों के भीतर अंकुरित कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि विद्यालय भविष्य में भी छात्रों को ऐसी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए हर संभव संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराता रहेगा।
प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने कहा कि "राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर मिली यह सफलता हमारे विद्यालय के लिए अनमोल उपहार है। आयुष और दीपक ने अपनी रचनात्मक सोच से यह सिद्ध कर दिया है कि जिज्ञासा ही विज्ञान की जननी है। हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि हम छात्रों को केवल किताबी ज्ञान न देकर उनमें तार्किक क्षमता और अन्वेषण की प्रवृत्ति विकसित करें। पिछले 5 वर्षों की यह अटूट सफलता हमारे शिक्षकों के समर्पण और छात्रों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने आयुष और दीपक को उचित मार्गदर्शन देने के लिए विद्यालय के सीनियर कॉर्डिनेटर पंकज सिंह, उनके मेंटर नीरज सिंह समेत समस्त शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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