विद्यार्थियों की सृजनशीलता, कल्पनाशक्ति और सौंदर्यबोध का सजीव प्रमाण बनीं वरेण्य इंटरनेशनल स्कूल की कला एवं शिल्प प्रदर्शनी



बलिया : दुबहर से सटे दशरथ मिश्र के छपरा स्थित वरेण्य इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कला एवं शिल्प प्रदर्शनी विद्यार्थियों की सृजनशीलता, कल्पनाशक्ति और सौंदर्यबोध का सजीव प्रमाण बनीं। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी अंतर्निहित प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए सशक्त मंच प्रदान करना रहा।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा मंडाला आर्ट, मधुबनी कला, वारली पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, स्केचिंग, रंगचित्रण, कोलाज आर्ट, क्लै आर्ट, आकर्षक क्राफ्ट आइटम तथा हस्त निर्मित शैक्षणिक एवं रचनात्मक मॉडल को अत्यंत सुस्पष्ट एवं कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त वेस्ट मटीरियल से निर्मित उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रत्येक कलाकृति विद्यार्थियों की गहन सोच, धैर्यपूर्ण परिश्रम और रचनात्मक दृष्टि को प्रतिबिंबित कर रही थी।

विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता, सौंदर्य चेतना तथा नवाचार की भावना को सुदृढ़ करती हैं। अभिभावकों ने भी प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए विद्यालय द्वारा दिए जा रहे सर्वांगीण विकास के अवसरों को अत्यंत सराहनीय बताया।

प्रदर्शनी के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कला एवं शिल्प जैसी सृजनात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम उत्साह, प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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