निरंतर प्रगति के पथ पर बलिया का यह सरकारी स्कूल : नूतन सत्र् में कुछ यूं करेगा बच्चों की आगवानी, जानें इसकी खास उपलब्धियां



भोला प्रसाद
बलिया : मंजिले उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों में उड़ान होती है... कुछ ऐसी ही कहानी है बेलहरी ब्लाक के पूर्व-माध्यमिक विद्यालय दुधैला के प्रभारी प्रधानाध्यापक आदर्श सिंह की, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से स्कूल की तस्वीर ही बदल कर रख दी। यहां बुनियादी शिक्षा का ऐसा वातावरण बना है, जो दूसरों के लिए 'आदर्श' है। आदर्श सिंह के हाथ में विद्यालय की कमान जुलाई 2013 में मिली, तब स्कूल में सिर्फ 73 बच्चें नामांकित थे, परंतु अपने नाम के अनुरूप आदर्श की मेहनत और प्रयासों से आज यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओं वाला बन चुका है। आज इस विद्यालय में न सिर्फ 188 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि यह प्राइवेट स्कूल को भी टक्कर दे रहा है।

सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले विद्यालय का कायाकल्प, आकर्षक रंग-रोगन, आधुनिक कक्षाएं और नया शैक्षणिक माहौल आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। बेहतर बुनियादी ढांचा और सुसज्जित परिसर छात्रों और अभिभावकों में उत्साह भर रहा है, जिससे वे नए सत्र के लिए उत्सुक हैं। सुरक्षित वातावरण अभिभावकों के लिए सकारात्मक संकेत है, जो विद्यालय की लोकप्रियता बढ़ा रहा है। यह बेहतर माहौल न केवल पढ़ाई, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है। छात्र-छात्राओं को बेहतर ज्ञान के लिए वॉल पेंटिग कर स्कूल की तस्वीर बदली जा रही है, जो छात्र-छात्राओं को स्कूल की ओर अभी से ही आकर्षित करने लगी है।

Purvanchal24.com ने विद्यालय की बेहतरी पर प्रभारी प्रधानाध्यापक आदर्श सिंह से बात की, तो उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बताया कि उनकी पोस्टिंग इस विद्यालय में वर्ष 2011 में हुई थी, तब वे और प्रधानाध्यापक दो ही शिक्षक थे। वर्ष 2013 में प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्त हो गये, तब विद्यालय में वे और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजीत कुमार ही बच गये, लेकिन दिल में जज्बा था विद्यालय की सूरत बदलने का। आदर्श सिंह बताते है कि तब अजीत कुमार का भरपूर साथ मिला। वर्ष 2016 में विद्यालय पर एक सहायक अध्यापक की तैनाती हुई, जो 2021 में स्थानांतरित होकर अपने गृह जनपद आगरा चले गये। लेकिन 2022-23 में विद्यालय पर सहायक अध्यापक के रूप में धीरज कुमार सिंह की तैनाती मिली, जिनका विद्यालय विकास में हर कदम पर साथ मिल रहा है।

आदर्श सिंह बताते है कि यहां बच्चों को न केवल किताबी ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक गतिविधियों में भी शामिल किया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि दर्जनों होनहार छात्रों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) उत्तीर्ण की है। कई बच्चें आठवीं उत्तीर्ण कर अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में बच्चों को और भी उच्च स्तरीय सुविधाओं से जोड़कर उनका विकास जारी रखा जाएगा, ताकि वे अपने हुनर और क्षमता के अनुसार समाज में अपना नाम और पहचान बना सकें।

Related Posts
Post Comments



Comments