नाबालिग से गैंगरेप केस में बड़ा एक्शन : SHO सस्पेंड, चौकी इंचार्ज फरार, एक गिरफ्तार



UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर गैंगरेप करने का सनसनीखेज आरोप भीमसेन चौकी इंचार्ज पर लगा है। पुलिस जांच में चौकी इंचार्ज अमित मौर्या का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया। आरोप है कि दारोगा अमित मौर्या ने अपने साथी पत्रकार शिवबरन के साथ मिलकर नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप किया। आरोपी दारोगा अमित मौर्या फरार है, जबकि तथ्यों को छिपाने और हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित लड़की के परिजनों की शिकायत पर सचेंडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दारोगा अमित मौर्या की संलिप्तता सामने आने के बाद कड़ी कार्रवाई की गई। सचेंडी थानाध्यक्ष विक्रम सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई, क्योंकि घटना उनके थाना क्षेत्र में हुई और प्रारंभिक स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे। नतीजतन, थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं, आरोपी चौकी इंचार्ज अमित मौर्या को भी सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन वह फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है। मामले के दूसरे आरोपी शिवबरन को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में शिवबरन ने दारोगा अमित मौर्या के साथ मिलकर अपराध करने की बात कबूल की है।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आरोपी दारोगा अमित मौर्या पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषी के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बता दें कि इस घटना में पहले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि पीड़िता ने आरोपी दारोगा अमित मौर्या का का भी नाम बताया था। पीड़िता की उम्र परिजनों ने नाबालिग बताई थी। बावजूद इसके पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पूरे मामले में नए सिरे से जांच कर कार्रवाई की जा रही है।

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