भागवत कथा से मिलती है सात्विक जीवन की प्रेरणा : त्रिदंडी स्वामी

भागवत कथा से मिलती है सात्विक जीवन की प्रेरणा : त्रिदंडी स्वामी

गड़हांचल के बघौना में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का शुभारंभ


बलिया। गड़हांचल के बघौना में गंगापुत्र श्रीलक्ष्मीनारायण त्रिदंडी स्वामी ने शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत के श्रवण से सात्विक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। त्रिदंडी स्वामी ने वर्तमान समय को संक्रमण काल की संज्ञा देते हुए सात्विक जीवन जीने की सलाह दी।

कथा की शुरूआत करते हुए त्रिदंडी स्वामी ने कोरोना को लेकर श्रद्धालुओं को सचेत किया। कहा कि एक बार फिर यह बीमारी नए रूप में देश में दस्तक दे चुकी है। हमारे धर्मशास्त्रों में वर्णित जीवन शैली ही इस प्रकार की बीमारियों से मनुष्यों को दूर रखेगी। त्रिदंडी स्वामी ने कहा कि प्रभु भगवान की कथा बार-बार सुननी चाहिए। इससे हृदय का विकार दूर होता है। उन्होंने कहा कि हमेशा अच्छे लोगों की संगत में रहना चाहिए। कभी भी बेकार की बातें नहीं करनी चाहिए। जहां भगवान की चर्चा होती है वहां भगवान वास करते हैं। जहां भगवान का वास होता है, वहां दरिद्रता नहीं आती। इसलिए मनुष्य को हमेशा सदाचरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छह जनवरी तक कथा चलेगी। त्रिदंडी स्वामी ने गांव के लोगों को प्रतिदिन प्रातः स्नान करने और भगवान के भजन की सलाह देते हुए कहा कि सात्विक भोजन भी करें। इससे शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। जिसकी वर्तमान में अत्यंत आवश्यकता है।

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में निकली भर्ती, 20 फरवरी हैं आवेदन की अंतिम तिथि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में निकली भर्ती, 20 फरवरी हैं आवेदन की अंतिम तिथि
बलिया : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी बलिया के अनुमोदन के क्रम में...
1 February का राशिफल : कैसा रहेगा अपना Sunday, पढ़ें आज का राशिफल
बलिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह : एक साथ बजीं 227 जोड़ों की शहनाई
राधाकृष्ण अकादमी में farewell : भव्य समारोह में जूनियर्स ने 12वीं के छात्रों को दी भावनात्मक विदाई
बलिया पुलिस को मिली सफलता, 30 पेटी ऑफिसर च्वाइस के साथ एक गिरफ्तार
मां चली गई, गांव ने मोड़ा मुंह… बेटियों ने दिया कंधा
16 फरवरी तक निरस्त रहेगी कई ट्रेनें