बलिया में आग ने मचाई तबाही, जिन्दा जला मासूम ; पांच झुलसे

बलिया में आग ने मचाई तबाही, जिन्दा जला मासूम ; पांच झुलसे


बैरिया, बलिया। बैरिया थाना क्षेत्र के चांददियर ग्राम पंचायत के यादव नगर प्लाट में मंगलवार की शाम अज्ञात कारणों से लगी आग लगने से पूरी बस्ती जलकर राख हो गई है। इस अग्निकांड में एक 5 वर्षीय बालक जिंदा जल गया। वहीं, बच्चे को बचाने के प्रयास में चार लोग बुरी तरह झुलस गए। उन्हें एंबुलेंस से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया गया है।

अचानक रामजी यादव के घर से आग की लपटें उठने लगी, जो देखते ही देखते राधेश्याम, रामजी, राज किशोर, रामाशंकर, दिनेश, उमाशंकर, उमेश, सुरेंद्र, राज किशोर, मनोज यादव, अदालत यादव, विनोद यादव, सुरेंद्र यादव, तेतर यादव, किशन देव यादव सहित लगभग तीन दर्जन लोगों का कच्चा पक्का मकान व रिहायशी मकान जल गया। इन मकानों में रखे लगभग एक करोड़ से अधिक की संपति (नकदी, कपड़े, खाद्यान्न, सोने चांदी के गहने, साइकिल, मोटरसाइकिल व एक ट्रैक्टर) जल गया। इस अग्निकांड में रामजी यादव की एक भैंस, जगन्नाथ यादव की दो बकरियां और एक भैंस जलकर मर गई है।

रामजी यादव के घर में अचानक अबूझ कारणों से आग की लपटें उठने लगी। आग की गति तेज हवा के कारण इतनी तीव्र थी कि पलक झपकते ही पूरी पूरी बस्ती आग की चपेट में आ गई। रामजी का पांच वर्षीय पुत्र अजीत भी लपटों में फंस गया। इसकी जानकारी जब तक लोगों को हुई आग विकराल रूप धारण कर ली। बावजूद इसके बच्चे को बचाने के प्रयास में राम प्रवेश यादव (55), राजकिशोर यादव (48), मनोज यादव (35) व मृतक बच्चे की बहन उर्मिला (12) वर्ष झुलस गई। बावजूद इसके बच्चे को जिंदा नहीं बचाया जा सका। अगलगी की घटना की सूचना पर एसडीएम राहुल यादव, तहसीलदार संजय सिंह, लेखपाल मोतीलाल पहुंच गए। फोन करके एंबुलेंस मंगवाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

तत्पर रहे सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में आयुष चिकित्सक डॉ मनोज उपाध्याय मौजूद थे। सूचना पर मुरली छपरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर देवनीति सिंह भी पहुंच गए। वहां के फार्मासिस्ट डॉक्टर एन शुक्ला, केदार यादव व स्टाफ नर्स ने तत्परता से इलाज शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में घायलों का इलाज चल रहा है।

कब तक झेलते रहेंगे आग की त्रासदी

बैरिया, बलिया। आग की त्रासदी झेलना चांद दियर की नियत बन गई है। मंगलवार की शाम लगी आग में 30 घर स्वाहा हो गए। अब पूरी बस्ती खुले आसमान के नीचे आ गई हैं। देर शाम तक अग्नि पीड़ितों के लिए प्रशासन द्वारा ना तो भोजन की व्यवस्था कराई गई, नहीं उन्हें त्रिपाल आदि ही दिया गया। मौके पर मौजूद लेखपाल मोतीलाल गुप्त ने बताया कि ग्राम प्रधान से आग्रह किया गया है कि अग्नि पीड़ितों को आज भोजन उपलब्ध कराएं। कल ट्रेजरी खुलने के बाद सभी अग्नि पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा। उधर, रामजी यादव के बेटे की मौत से पूरा परिवार सुध बुध खो चुका है। पूरे गांव में मातम का माहौल है। चार महीनों तक जलभराव में डूबा चांद दियर आग के तांडव से त्रस्त हो गया है। जब तक यहां सरकार फूस के बने मकानों को हटाकर टीन सेड या पक्के मकान नहीं बनवायेगी, आगलगी की घटनाओं पर काबू नहीं पाया जा सकता है।


शिवदयाल पांडेय मनन

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