बलिया : चंद्रशेखर आजाद को याद कर राहुल ने कही ये बात
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बलिया। गंगा सेवा समिति के तत्वाधान में गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद की 114वीं जयंती मनाई गई। सदस्यों ने जापलिनगंज स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इस दौरान भारत माता की जय, चंद्रशेखर आजाद अमर रहे... आदि गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
समिति के अध्यक्ष सागर सिंह राहुल ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर असहयोग आंदोलन का हिस्सा बन गए। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद चंद्रशेखर आजाद की आज जयंती मनाई जा रही है। महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का नाम बहादुरी, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का पर्याय है। उनके हृदय में देश व मातृभूमि के लिए इतना प्रेम था कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अंग्रेज़ों के विरुद्ध लोहा लेना शुरू किया और फिर अपना सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया।
श्री सिंह ने कहा कि आजाद जी को अंग्रेज कभी जिंदा नही पकड़ सकें। वो आजाद जिसने अंग्रेजों के दिलों में खौफ का वो बीज बो दिया था, जिससे वह कभी नहीं निकल सके थे। यही वजह थी कि जब 27 फरवरी 1931 को अंग्रेजों की एक पूरी टुकड़ी ने उन्हें एल्फ्रेड पार्क में चारों तरफ से घेर लिया था तो किसी ने उनके पास जाने तक की हिम्मत नहीं दिखाई थी। इतना ही नहीं अपनी आखिरी बची हुई गोली से उन्होंने खुद अपनी ही जान ले ली थी। कार्यक्रम में राहुल माझिल, राज प्रकाश, अमन केशरी,पूर्व सभासद राजकुमार राव संजय गिरी, दिनेश श्रीवास्तव, अनूप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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