बलिया : स्कूलों या पंचायत भवन में क्वारंटाइन लोगों के लिए डीएम ने तय की जिम्मेदारी

बलिया : स्कूलों या पंचायत भवन में क्वारंटाइन लोगों के लिए डीएम ने तय की जिम्मेदारी


बलिया। गांव के प्राथमिक विद्यालय या पंचायत भवन में क्वारंटाइन में रखे गए लोगों की खानपान की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने सभी बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि अपने-अपने विकास खण्ड के अंतर्गत स्कूलों या पंचायत भवन में रखे गए लोगों को खानपान की व्यवस्था अपने स्तर से सुनिश्चित कराएं। इसके लिए प्रति व्यक्ति 80 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बिल प्रमाणित कर भुगतान के लिए सम्बंधित एसडीएम को उपलब्ध कराएं। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए लोगों के लिए अलग से कोई फंड नहीं है। इसी व्यवस्था के माध्यम से तहसील से ही भुगतान किया जाएगा।

बता दें कि कोविड-19 के दृष्टिगत लागू लाकडाउन की वजह से प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ट्रेन या बसों के माध्यम से आने वाले प्रवासी श्रमिक या अन्य व्यक्तियों को मेडिकल जांच के बाद सामान्य पाए जाने की स्थिति में उन्हें उनके घर में होम क्वॉरेंटाइन रहने के निर्देश के साथ भेजा जा रहा है। लेकिन, ऐसा संज्ञान में आया है कि कुछ ग्राम पंचायतों में  बाहर से आने वाले व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन में नहीं रह कर गांव के ही प्राथमिक विद्यालय या पंचायत भवन में रखे गए हैं। इन्हीं लोगों की खानपान की व्यवस्था के लिए ऐसा निर्णय लिया गया है

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में विवाहिता का अपहरण कर छेड़खानी, विरोध पर मारपीट, दो गिरफ्तार बलिया में विवाहिता का अपहरण कर छेड़खानी, विरोध पर मारपीट, दो गिरफ्तार
बलिया : बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता का अपहरण कर उसके साथ छेड़खानी और मारपीट के मामले...
कटहल नाला सुंदरीकरण, बलिया बाईपास और चौराहों के आधुनिकीकरण की तैयारी तेज 
Ravi Raj Success Story : आंखों में नहीं थी रोशनी, दृष्टिबाधित बेटे ने UPSC में 20वीं रैंक लाकर दिया मेहनत का फल
7 मार्च का राशिफल : कैसा रहेगा अपना शनिवार, पढ़ें आज का Rashifal
बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
नेशनल चैंपियन बनकर लौटे बलिया के इन खिलाड़ियों को पूर्व मंत्री ने किया सम्मानित
बलिया में 'दिशा' की बैठक : विकास योजनाओं पर मंथन, 58 बिंदुओं पर समीक्षा