बॉयलर फटने से बलिया के युवक की मौत, पूरे परिवार की उम्मीद था वह

बॉयलर फटने से बलिया के युवक की मौत, पूरे परिवार की उम्मीद था वह

सिकंदरपुर, बलिया : गुजरात के राजकोट में बॉयलर फटने से बलिया के एक युवक की मौत हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही मृतक के पैतृक गांव पकड़ी थाना क्षेत्र के कुढ़ही (उससा) गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। वहीं, परिवार में कोहराम मच गया है। सभी का रोते-रोते बुरा हाल है। 

कुढ़ही (उससा) गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान (40) पुत्र बूचन चौहान राजकोट (गुजरात) में साफ्ट ड्रिंक बनाने वाली राज इनोटेक प्राइवेट कम्पनी में फोरमैन के पद पर कार्यरत था। सोमवार की रात ड्यूटी के दौरान अचानक बॉयलर फट गया, जिसकी चपेट में आने से धर्मेंद्र झुलस गया।

साथी कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कंपनी के सदस्यों ने रात करीब 11 बजे हादसे की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद से ही परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिवार के एक मात्र कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। धर्मेंद्र के पिता बूचन व पत्नी मंशा देवी बेसुध हो गये है। वहीं, 13 वर्षीय पुत्र प्रिंस तथा नौ वर्षीय पुत्री प्रिया की चीत्कार सुन लोगों का कलेजा मुंह को  आ जा रहा है।

यह भी पढ़े मानदेय वृद्धि की घोषणा से शिक्षामित्रों में खुशी, बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर में मत्था टेककर जताया सीएम योगी का आभार

अतुल कुमार राय

यह भी पढ़े 20 February Ka Rashifal : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

सोनभद्र सड़क हादसे में बलिया के दो युवकों की मौत सोनभद्र सड़क हादसे में बलिया के दो युवकों की मौत
बलिया : सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र अंतर्गत हाथीनाला में हुए सड़क हादसे में जनपद के उभांव थाना क्षेत्र के अवायां...
बलिया में आग का कहर : बेटी की शादी को रखे नगदी और कीमती सामान राख, किशोरी झुलसी
बलिया में गला काटकर युवा दुकानदार की हत्या, खेत में फेंका मिला शव
व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है स्काउट गाइड प्रशिक्षण : डॉ. जनार्दन राय
बलिया में कोचिंग के लिए निकला छात्र नहीं लौटा घर, अज्ञात बाइक का लिया सहारा, पुलिस जांच में जुटी
निरंतर प्रगति के पथ पर बलिया का यह सरकारी स्कूल : नूतन सत्र् में कुछ यूं करेगा बच्चों की आगवानी, जानें इसकी खास उपलब्धियां
गाजीपुर सिटी स्टेशन : आकर्षण का केन्द्र बनी रेलवे कॉलोनी में खाली पड़ी भूमि, इंजीनियरों की सोच ने बदली तस्वीर