बिना टेंडर बिक गया महिला अस्पताल का कबाड़, सीएमएस ने झाड़ा पल्ला

बिना टेंडर बिक गया महिला अस्पताल का कबाड़, सीएमएस ने झाड़ा पल्ला



बलिया। कविवर स्वर्गीय श्री कृष्ण तिवारी की कविता यह पंक्तियाँ  भीलों ने बांट लिए वन, राजा को खबर तक नहीं, रानी हो गई बदचलन राजा को खबर तक नहीं, इन दिनों जिला महिला चिकित्सालय में चरितार्थ होती दिखाई दे रही है, जहां परिसर के एक कोने में पड़े अस्पताल के कबाड़ को बिना टेंडर के ही अस्पताल में तैनात कतिपय कर्मचारियों ने तीन पिकअप में भरकर कबाड़ी के यहां चुपके से भेज दिया। विदित हो कि कबाड़ में पुराने एंबुलेंस और वाहनों के इंजन तक शामिल हैं।  जिसे बिना किसी टेंडर के बिना किसी की अनुमति लिए कबाड़ी के हाथों बेच दिया गया ।


 इस संबंध में अस्पताल प्रशासन कोई जानकारी देने से फिलहाल कतरा रहा है। नवागत सीएमएस डॉ.माधुरी सिंह को भी शायद कबाड़ बेचे जाने की जानकारी अस्पताल के भीलो ने देना मुनासिब नहीं समझा। कबाड़ कितना था कब और किसने बेचा क्यों बेचा, बेचे जाने के पूर्व अस्पताल प्रशासन से अनुमति क्यों नहीं ली गई आदि अनगिनत ऐसे प्रश्न हैं। जिसका उत्तर फिलहाल कहीं से नहीं मिल रहा है। नोडल अधिकारी के आगमन से दो दिन पूर्व बेचे गए अस्पताल के कबाड़ का विवरण किसके पास है यह भी कोई बता नहीं रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों का आरोप है कि सीएमएस की देखरेख में के सामानों की बिक्री धीरे धीरे की जा रही है। वास्तविकता क्या है, यह तो जांच का विषय है। जांच के उपरांत ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि दोषी कौन है।


रिपोर्ट मुशीर जैदी

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया BSA कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक TET के खिलाफ गरजें शिक्षक, सड़कों पर गूंजा यह नारा बलिया BSA कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक TET के खिलाफ गरजें शिक्षक, सड़कों पर गूंजा यह नारा
बलिया :  टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ व...
बलिया में युवक की हत्या, तीन मनबढ़ बदमाश गिरफ्तार
25 February Ka Rashifal : कैसा रहेगा अपना बुधवार, पढ़ें आज का राशि फल
Road Accident में बलिया के युवा व्यवसाई की दर्दनाक मौत
बलिया में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक, प्रभारी डीएम ने इन विन्दुओं पर दिए कड़े निर्देश
बलिया में प्राथमिक शिक्षक संघ का टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन
NSCT में पंजीकरण का लाभ : बलिया के दिवंगत शिक्षक की पत्नी को मिलेगा 8 से 10 लाख रुपया