भारत के जीवन पद्धति को बहुत प्रभावित नहीं करेगा कोरोना : सांसद
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बैरिया, बलिया। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष व भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज इस देश की अर्थ व्यवस्था के लिए संजीवनी प्रमाणित होगा। देशहित में यह ऐतिहासिक व अभूतपूर्व कदम. है।
सोनबरसा स्थिति अपने संसदीय कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि जिस समय इंदिरा गांधी ने बैंकों व उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया था, वह सही नहीं था। उस समय दत्तोपंत ठेंगड़ी ने सुझाव दिया था कि उद्योगों का मजदूरीकरण, मजदूरों का राष्ट्रीयकरण व राष्ट्र का औद्योगिकरण होना चाहिए था, किंतु उस समय उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। अगर वैसा किया गया होता तो आज कोरोना संक्रमण के कारण जो मजदूरों का पलायन हो रहा है, वह नहीं होता। मजदूर उद्योगों में अपनी भागीदारी के कारण कोई भी जोखिम उठाने को तैयार रहते, पलायन नहीं करते।
वीरेंद्र सिंह मस्त ने जोर देकर कहा कि कोरोना महामारी ने भौतिकवादी परंपरा पर प्रहार किया है। भारत के जीवन पद्धति को बहुत अधिक प्रभावित नहीं करेगा, न ही इसका बहुत ज्यादा प्रतिकूल असर ही हमारे अर्थ व्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि हमारे देश की अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित है। कृषि स्वदेशी के अधारण को मजबूत करती है। बसुधैव कुटुंकम की भावना को मजबूत करती है।
शिवदयाल पांडेय 'मनन'
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