सरसता एवं मानवता की प्रतिमूर्ति थे डॉ. राघवेंद्र बहादुर सिंह



बलिया : कुंवर सिंह पीजी कॉलेज में प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य आतिथ्य में सरल हृदय के धनी तथा मानवता के पुजारी रहे डॉ. राघवेंद्र बहादुर सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि पर समृद्ध विचार गोष्ठी और पुष्पांजलि सभा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ वीरवर कुंवर सिंह एवं वकील साहब की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। प्राचार्य प्रो. फूलबदन सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विचार गोष्ठी में उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. राघवेंद्र बहादुर सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि, डॉ. सिंह सरसता एवं मानवता की प्रतिमूर्ति थे। जनपद में ऐसा व्यक्तित्व बहुत कम हैं। पेशे से चिकित्सक होते हुए वह भावी पीढ़ी के लिए कुशल मार्गदर्शक थे। प्रो. सच्चिदानंद ने कहा कि, राघवेंद्र बहादुर की स्मृतियां आज जीवंत है। दिग्विजयनाथ स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय से डॉ. शुभ्राशु सिंह के साथ डॉ. मनोज कुमार और डॉ. सुनील चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में प्रो. संजय, प्रो. सच्चिदानंद राम, डॉ. शुभ्राशु शेखर, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, डॉ. अनुज पाण्डेय, डॉ. प्रभात सिंह, डॉ. शशि प्रकाश सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सुनील चतुर्वेदी, डॉ. अंकिता सिंह, मनोज सिंह, रामकुमार सिंह, राजकुमार सिंह सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। संचालन डॉ. हरिशंकर सिंह तथा आभार व्यक्त प्रो. संजय ने किया।

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