बलिया : पत्नी से बोला दो बच्चों का बाप - 'तुम मेरे लायक नहीं हो' और कर लिया दूसरी शादी

बलिया : पत्नी से बोला दो बच्चों का बाप - 'तुम मेरे लायक नहीं हो' और कर लिया दूसरी शादी

बैरिया, बलिया : शादी के 12 वर्ष बाद पति ने दूसरी शादी रचा ली है। बेसुध पत्नी हक के लिए हाकीमों के चौखट पर माथा पटक  रही है, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिल रहा है। वह अपने बच्चों के साथ दर दर भटकते हुए भुखमरी की स्थिति में पहुंच गई है। मामला बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां की निवासी बेबी देवी ने पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया है।

पीड़िता के मुताबिक, उसका पति रवि कुमार उर्फ गोविंदा एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंजीनियर है। 27 जून 2011 को पीड़िता से शादी रवि कुमार उर्फ गोविंदा से हिंदू रीति रिवाज से हुई थी।दो बच्चे भी हैं। पुत्री खुशी तथा पुत्र का नाम दिव्यांशु है। किंतु शादी के 12 वर्ष बाद पति ने दूसरी शादी रचा ली और पीड़िता और उसके बच्चे को भरण पोषण के लिए पैसा देना बंद कर दिया है। पूछने पर कहते हैं कि तुम मेरे लायक नहीं हो। मैं और मेरे बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। इस बाबत पूछने पर एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। जांचोपरांत उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिवदयाल पांडेय मनन

यह भी पढ़े पिया मोर मत जा हो पूरूबवा...

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में चोरों ने एक और मंदिर को बनाया निशाना, ताला तोड़कर देवी-देवता का आभूषण और दानपेटी चोरी बलिया में चोरों ने एक और मंदिर को बनाया निशाना, ताला तोड़कर देवी-देवता का आभूषण और दानपेटी चोरी
बलिया : बांसडीह रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत छाता गांव में स्थित भजनाश्रम मंदिर का ताला काटकर चोरों ने देवी-देवताओं का...
National Highway 31 : गाजीपुर से बलिया के मठ योगेन्द्र गिरी तक बनेगी पटरी
Ballia News : पत्रकार को भातृशोक, नहीं रहे डॉ. अशोक कुमार सिन्हा 
Ballia News : माता-पिता की स्मृति में 400 जरूरतमंदों को पुत्र ने ओढ़ाया कम्बल
Ballia News : सवालों के घेरे में मंदिर से चोरी का खुलासा, ग्रामीणों ने घेरा थाना
बलिया में संपूर्ण समाधान दिवस : CDO बोले-शिकायती पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारित करें जिम्मेदार
18 जनवरी से चलेगी डिब्रूगढ़-गोमतीनगर-डिब्रूगढ़ अमृत भारत एक्सप्रेस : जानिएं रूट, समय-सारणी और इसकी खासियत