पद्मश्री से सम्मानित किसान चींटियों के अंडे खाने को मजबूर

पद्मश्री से सम्मानित किसान चींटियों के अंडे खाने को मजबूर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पद्मश्री से सम्मानित ओडिशा के किसान दैतारी नायक अपना पुरस्कार लौटाना चाहते हैं। पुरस्कार लौटाने को लेकर उन्होंने तर्क दिया है कि उनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है और यह सम्मान उन्हें किसी भी तरह से मदद नहीं कर रहा है।दैतारी नायक ने कहा कि पद्मश्री अवार्ड मिलने के बाद भी मेरी स्थिति जस की तस है। पहले मुझे हर दिन काम मिल जाता था लेकिन अब लोग मुझे काम भी नहीं देते हैं। लोग सोचते हैं कि रोजाना का काम मेरी हैसियत से कम है। हमारी स्थिति यह हो गई है कि अब मुझे चींटी के अंडे खाकर गुजारा करना पड़ रहा है।नायक ने कहा कि अब मैं तेंदू पत्ता और आम का पापड़ बेचकर अपना घर चला रहा हूं। पद्मश्री अवॉर्ड की कोई कीमत नहीं है मेरे लिए। मैं यह पुरस्कार लौटाना चाहता हूं जिससे की मुझे कुछ काम मिल जाए।
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