खूनीं आतिशबाजी : गर्दन में फंसा रॉकेट बम, शिक्षक की मौत

खूनीं आतिशबाजी : गर्दन में फंसा रॉकेट बम, शिक्षक की मौत

मुजफ्फरपुर : रॉकेट बम से एक शिक्षक की जान चली गई। शिक्षक मुकेश सिंह मोहल्ले से गुजर रहे थे, तभी गली में पटाखे बजा रहे बच्चों ने रॉकेट बम जलाया, जो शिक्षक की गर्दन में लगा और वे वही गिर पड़े। आनन-फानन में अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में शिक्षक की मौत हो गई। सूचना पर पंहुची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।

मामला बिहार के मुजफ्फरपुर में अहियापुर थाना क्षेत्र के नाजीरपुर गायत्री मंदिर के पास का है। शनिवार की शाम बच्चे मोहल्लें में बच्चे रॉकेट बम चला रहे थे। बच्चों ने जैसे ही रॉकेट में आग लगाई, उसी दौरान गुजर रहे शिक्षक मुकेश सिंह की गर्दन में रॉकेट जा लगा। इससे शिक्षक मुकेश सिंह गंभीर रूप से घायल हा गए। परिजनों ने आनन फानन में इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टर ने एसके मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही शिक्षक की मौत हो गई।

सूचना पर पहुंची मुजफ्फरपुर पुलिस मामले की जांच-पड़ताल की। शिक्षक की पहचान शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के 35 वर्षीय मुकेश सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसके मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अहियापुर पुलिस ने बताया कि रॉकेट बम शिक्षक के गर्दन में घुस गया था, जिससे शिक्षक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

यह भी पढ़े दुल्हन की सफल सर्जरी : स्टेज पर दूल्हे को जयमाला पहनाते समय सिरफिरे ने मारी थी गोली

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

25 March Ka Rashifal : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे 25 March Ka Rashifal : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे
मेषपराक्रम भाव सक्रिय रहेगा। साहस बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी...
बलिया DM के आदेश पर गैस एजेंसी पर छापा, गायब मिले 1015 भरे हुए घरेलू सिलेंडर ; मैनेजर पर मुकदमा
प्रेमिका की शादी तय, वाट्सएप स्‍टेटस लगाकर फंदे पर झूला बलिया का युवक
जनगणना 2027 : बलिया में शिक्षामित्रों ने बीएसए को पत्र सौंपकर उठाई यह मांग
Video : बलिया में दो पक्षों में बवाल, एक की मौत
25 मार्च को सम्मानित होंगे बलिया के 448 हेडमास्टर, BSA ने जारी किए लिस्ट
Ballia Education : वार्षिक परीक्षा फल और अवार्ड पाकर चहक उठे मनःस्थली के बच्चे