जर्जर तारों से बाधित हुई आपूर्ति, दावा हुआ हवा-हवाई
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सुखपुरा(बलिया)। दशकों पूर्व लगाये गये जर्जर विद्युत तारो व जर्जर खम्भों की बदौलत सरकार के गांवों को 18 घंटे बिजली देने का दावा हवा हवाई बनकर रह गया है। विद्युत आपूर्ति का कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं होने से बिजली कब आयेगी और कब जायेगी का लोगों को पता ही नही चल पाता।आज हालत यह है कि 24 घंटों में मात्र कुछ घंटे ही सही बिजली मिल पाती है। इसमें भी बिजली का आने जाने का क्रम निरंतर बना रहता है। 18 घंटे की बिजली सप्लाई के बीच 48 बार बिजली आती जाती रहती हर 5 से 10 मिनट पर बिजली का आना जाना लगा रहता है। विद्युत सब स्टेशन सुखपुरा द्वारा आज समूचे क्षेत्र में दशकों पूर्व लगाए गये जर्जर तारों व पोलों से ही बिजली दी जाती है। कई पोल तो अपने आखिरी सांस गिन रहें हैं फिर भी विभाग को इसकी तनिक चिंता नही है। सब स्टेशन का निर्माण जरूर हुआ लेकिन इस कस्बे को उसका लाभ आज तक नही मिला । सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति करने के तीन फीडर बनाने को थे लेकिन आज तक न तो तीन फीडर बने और न ही सुखपुरा टाउन के लिये अलग फीडर की व्यवस्था की गयी। इसका नतीजा यह होता है कि कहीं भी आपूर्ति में फाल्ट होता है तो पूरे क्षेत्र की आपूर्ति काट दी जाती है। पिछली सरकार में तमाम प्रयास के बावजूद फीडरों की व्यवस्था नही की गयी और न ही जर्जर तारों व पोलो को बदला गया अब जब प्रदेश मे भाजपा की सरकार के बने भी दो वर्ष से उपर होने को है जर्जर तारों व पोलों को बदलने का कोई प्रयास नजर नही आ रहा। विद्युत कर्मचारियों का भी कहना है कि जब तक जर्जर तारों व पोलो को बदल कर सुखपुरा टाउन के लिये अलग फीडर की व्यवस्था नही की जायेगी तब तक आपूर्ति मे सुधार काफी कठिन है।
रिपोर्ट डॉक्टर विनय कुमार सिंह
Tags: गांव जवार

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