राजनीति में शुचिता के पक्षधर थे गौरीशंकर राय : डॉ. जर्नादन
On



गौरीशंकर राय (फाइल फोटो)
बलिया। छात्र राजनीति की कोख से प्रादुर्भूत गौरी शंकर राय संभ्रांत किसान परिवार से संबद्घ आचार्य नरेंद्र देव की समाजवादी विचारधारा से प्रभावित स्वातंत्र्य समर के अप्रतिम जोद्धा थे। उनका राष्ट्रीय कार्यक्रम शिक्षा, समाज सेवा और राजनीति में पग रखने वालों के लिए दीप स्तंभ सा है।
पूर्व सांसद गौरीशंकर राय की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को मिश्र नेउरी स्थित भारतीय सद्भभवना मिशन के कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जर्नादन राय (Dr Janardan Rai) ने कहा कि राय साहब जनतंत्र के अद्भुत मसीहा थे। सन् 42 की क्रांति और आपातकाल से सदेह जूझने वाले राय साहब विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने वाले प्रबुद्ध पार्लियामेंटरियन थे। निर्भयता, मानवीय गरिमा, राष्ट्रीयता और शिक्षा के उन्नयन को समर्पित राजनीति में शुचिता के पक्षधर राय साहब जैसे विद्वान दशाब्दियों में कभी-कभी पैदा होते हैं। खेत और खेती से जुड़े किसानों की पीड़ा को पढ़ने और उससे मुक्ति दिलाने के लिए राय साहब ताउम्र प्रयासरत रहे। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिव बचन सिंह, अशोक कुमार पांडे, नीतीश शेखर इत्यादि ने राय साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
Tags: बलिया

Related Posts
Post Comments

Latest News
02 Mar 2026 06:55:12
मेषभावुकता में आकर कोई निर्णय मत लीजिएगा। विद्यार्थी असमंजस में रहेंगे। प्रेम में तू-तू मैं-मैं का संकेत। बच्चों के सेहत...



Comments