MP से पैदल ही बलिया पहुंचे श्रमिकों ने बताई ठेकेदार की क्रूरता

MP से पैदल ही बलिया पहुंचे श्रमिकों ने बताई ठेकेदार की क्रूरता


बैरिया, बलिया। ठेकेदार की क्रूरता के कारण तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के इटारसी में भूखे-प्यासे रहने के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए पैदल चले 45 मजदूर छठवें दिन बैरिया के रास्ते बिहार बार्डर के मांझी पुल पर पहुंच गए। सभी मजदूरों का भूख-प्यास से बुरा हाल था। लगभग 700 किमी की पैदल यात्रा करने के कारण वे काफी थक गए थे। बताया कि इलाहाबाद तक रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे पैदल आए। वहां से सड़क मार्ग से बैरिया पहुंचे हैं, दो दिनों में अपने गांव बिहार के मुजफ्फरपुर के तलवारी घाट पहुंच जाएंगे।

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पैदल आने वाले मजदूरों में अखिलेश कुमार, सिकंदर कुमार, छोटू, मिथिलेश, धनंजय आदि ने बताया कि हम लोग मुजफ्फरपुर जनपद के कांटी थाना अंतर्गत तलवारी घाट के रहने वाले हैं। मध्य प्रदेश के इटारसी में नहर बनाने का काम कर रहे थे। 10 दिनों से ठेकेदार ने पैसा देना बंद कर दिया। मकान मालिक घर खाली करा दिया, तीन दिनों तक पैसे के प्रतीक्षा में खुले आसमान में नहर के पटरियों पर ही रात गुजारी, किंतु ठेकेदार अचानक गायब हो गया। फिर उसका पता नहीं चल पाया। कितने दिन हम लोग भूखे-प्यासे रहते। इसलिए हम लोग पैदल ही अपने घरों के लिए चल दिए। उम्मीद है कि जिंदा घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में दो जगह हम लोगों को कुछ लोगों ने खाना खिला दिया, बाकी दिन भूखे पेट ही यात्रा करनी पड़ी।

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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