'मालिक' ने ठुकराया-यूपी ने अपनाया ; बलिया पहुंचे बिहार के श्रमिकों की दास्तां

'मालिक' ने ठुकराया-यूपी ने अपनाया ; बलिया पहुंचे बिहार के श्रमिकों की दास्तां


बैरिया, बलिया। लॉक डाउन में गुजरात के सूरत स्थित साहिबा सूत मिल बंद हो गया तो सैकड़ों मजदूरों के सामने राशन-पानी की समस्या उत्पन्न हो गई। मिल मालिक व मैनेजर ने मजदूरों से कहा कि घर चले जाओ, अन्यथा कोरोना को कौन कहे, भूख से ही यहां मर जाओगे। 

इसके बाद बिहार राज्य के वैशाली निवासी रोहित कुमार, चुनमुन, दीपक, सरोज, दिनेश, जयंत सहित दो दर्जन मजदूर घर से पैसा मंगवाकर गाड़ी किराए पर लेकर कुछ दूर चले। इसके बाद सरकारी बस मिल गई तो उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंचे। वहां से बलिया तक भी सरकारी बस की सहायता मिल गई। बलिया से जो सरकारी बस मिली बैरिया चिरैया मोड़ के पास बस के चक्का से धुआं निकलने लगा। इससे बस वाले ने मजदूरों को वहीं उतार दिया।

उक्त सभी मजदूर जब बैरिया त्रिमुहानी पर पहुंचे तो क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में एसएचओ संजय त्रिपाठी सहित पुलिसकर्मियों ने सभी मजदूरों को लंच पैकेट के साथ पानी का बोतल दिया। इसके बाद करीब पांच दर्जन मजदूरों को विभिन्न वाहनों से बिहार के सीमा तक छोड़वाया।

शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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