बलिया : घर से गायब किशोरी का गंगा नदी में उतराया मिला शव, ऐसे हुई शिनाख्त

बलिया : घर से गायब किशोरी का गंगा नदी में उतराया मिला शव, ऐसे हुई शिनाख्त

बलिया : हल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा नदी के हुकुमछपरा गंगा घाट के उस पार मंगलवार की शाम नदी में उतराया लड़की का शव देख क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। मछली मार रहे मछुआरों ने इसकी सुचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची हल्दी पुलिस ने देर शाम शव को कब्जे में ले लिया। शव को जंगली जानवरों ने क्षत- विक्षत कर दिया था। पहने हुए कपड़े आदि से लड़की की पहचान रूद्रपुर निवासी श्रेया ओझा के रूप मे हुयी।

बताया जा रहा है कि हल्दी थाना क्षेत्र के रूद्रपुर निवासी अवधेश ओझा की 16 वर्षीय बेटी सोमवार की दोपहर  घर से गायब हो गयी। पिता ने इसकी सूचना हल्दी पुलिस को दी। थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गयी। इसी बीच मंगलवार की शाम हुकुमछपरा घाट के उस पार मछुआरो ने नदी में उतराया शव देख शोर मचाया। पुलिस को पहने हुये कपड़े के अनुसार गुम हुई श्रेया का होने का शक हुआ। पुलिस ने इसकी सुचना पिता को दी। मौके पर पहुंचे पिता ने शव की शिनाख्त बेटी के रूप मे किया। पुलिस से शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतका तीन बहन व एक भाई में सबसे छोटी थी। 

रोहित सिंह मिथिलेश

यह भी पढ़े मानदेय वृद्धि की घोषणा से शिक्षामित्रों में खुशी, बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर में मत्था टेककर जताया सीएम योगी का आभार

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

सोनभद्र सड़क हादसे में बलिया के दो युवकों की मौत सोनभद्र सड़क हादसे में बलिया के दो युवकों की मौत
बलिया : सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र अंतर्गत हाथीनाला में हुए सड़क हादसे में जनपद के उभांव थाना क्षेत्र के अवायां...
बलिया में आग का कहर : बेटी की शादी को रखे नगदी और कीमती सामान राख, किशोरी झुलसी
बलिया में गला काटकर युवा दुकानदार की हत्या, खेत में फेंका मिला शव
व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है स्काउट गाइड प्रशिक्षण : डॉ. जनार्दन राय
बलिया में कोचिंग के लिए निकला छात्र नहीं लौटा घर, अज्ञात बाइक का लिया सहारा, पुलिस जांच में जुटी
निरंतर प्रगति के पथ पर बलिया का यह सरकारी स्कूल : नूतन सत्र् में कुछ यूं करेगा बच्चों की आगवानी, जानें इसकी खास उपलब्धियां
गाजीपुर सिटी स्टेशन : आकर्षण का केन्द्र बनी रेलवे कॉलोनी में खाली पड़ी भूमि, इंजीनियरों की सोच ने बदली तस्वीर