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अमंगल हारी हैं देवाधिदेव भगवान शिव : ये है सभी मनोरथों की सिद्धि करने वाला दिव्य मंत्र

अमंगल हारी हैं देवाधिदेव भगवान शिव : ये है सभी मनोरथों की सिद्धि करने वाला दिव्य मंत्र भगवान शिव जब अग्रि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए तब उनके पांच मुख थे। जो पांचों तत्व पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि तथा वायु के रूप थे। सर्वप्रथम जिस शब्द की उत्पत्ति हुई वह शब्द था ॐ। बाकी पांच शब्द...
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