पिया मोर मत जा हो पूरूबवा...




Ballia News : कासे कहूं मैं दरदिया हो रामा पिया परदेश गए, पियवा गइलन कलकतवा ए सजनी, पिया मोर मत जा हो पूरूबवा... जैसे भिखारी ठाकुर के गीतों को गाकर संकल्प के रंगकर्मीयों ने महान लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भिखारी ठाकुर की जयंती पर कलेक्ट्रेट स्थित ड्रामा हाल आयोजित कार्यक्रम में संकल्प के रंगकर्मियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही उनके द्वारा रचित गीतों को गाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
संकल्प के सचिव वरिष्ठ रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक योद्धा थे। वे जीवन पर्यंत अपने गीतों एवं नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और विद्रूपताओं के विरुद्ध आवाज उठाते रहे। उनके द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक बिदेसिया में जहां पलायन का दर्द है वहीं बेटी वियोग में एक स्त्री की पीड़ा प्रदर्शित होती है। दूसरे महत्वपूर्ण नाटक गबर घिचोर में स्त्री का संघर्ष मुखर होकर सामने आता है।
भिखारी ठाकुर को किसी ने अनगढ़ हीरा कहा तो किसी ने भोजपुरी का शेक्सपियर तो किसी ने उनकी तुलना भारतेंदु हरिश्चंद्र से की । जबकि भिखारी ठाकुर अपने आप में लिजेंड थे। उनके नाटक आज भी समाज को दिशा देते हैं। इस अवसर पर रंगकर्मी ट्विंकल गुप्ता, रिया वर्मा, खुशी कुमारी, भाग्य लक्ष्मी, खुशी, ज्योति वर्मा, तुषार पाण्डेय, राहुल चौरसिया, शिवम, रितिक, प्रीतम, यश गुप्ता, प्रियांशु चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।

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