पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनें शिक्षक शैलेंद्र को सीडीओ ने किया सम्मानित

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनें शिक्षक शैलेंद्र को सीडीओ ने किया सम्मानित

मऊ। मऊ की धरती पर जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिए पेड़ पौधों का होना जरूरी है। कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह ऑक्सीजन के अभाव में लोगों की सांसें थमीं, वह जगजाहिर है। ऐसे में ऑक्सीजन की महत्ता और बढ़ जाती है। इस महत्ता को समझा है शिक्षक शैलेंद्र।

'पौधा लगाओ जीवन बचाओ' अभियान 5 सितंबर 2020 को प्रारंभ करने वाले शैलेन्द्र प्रतिदिन एक पौधा निजी व्यय पर जियो टैगिंग के साथ लगाते है। ऐसा आजीवन करने का संकल्प ले चुके शिक्षक शैलेन्द्र पर्यावरण संरक्षण जागरूकता की अलख जगाकर मिसाल बनते जा रहे है। अभियान के लगातार 500 दिन पूरा होने पर मुख्य विकास अधिकारी, मऊ राम सिंह वर्मा ने प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्रम् से सम्मानित किया। 

सीडीओ ने शिक्षक शैलेंद्र के प्रकृति प्रेम, समर्पण दूरदर्शिता, जीवनदाई कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कहा कि हर सरल कार्य साधारण नहीं होता है। पेड़ पौधों के माध्यम से प्राकृतिक संतुलन के साथ बेजुबान पंछियों, जानवरों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था हो जाती है। पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक सहभागिता के साथ सतत विकास की अवधारणा भी है। इस अवसर पर वीरेंद्र यादव व शिक्षक प्रतिनिधि बृजेश जी उपस्थित रहे।

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