रोजा खोलने के बाद मुस्लिम महिला ने हिंदू शख्स की ऐसे बचाई जान
On



लखीमपुर खीरी। रमजान के इस पाक महीने में 29 वर्षीय अलीशा खान ने एक हिंदू युवक को अपना रक्तदान करके न सिर्फ उनकी जान बचाई बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी पेश की है। यह मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का है। जहां विजय कुमार रस्तोगी को ओ निगेटिव खून की जरूरत थी लेकिन डॉक्टरों को अस्पताल के ब्लड बैंक में नहीं मिला।
विनय के परिजन कई दिन से ओ निगेटिव ब्लड की व्यवस्था करने में जुटे हुए थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से उन्हें कहीं से खून नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में सामाजिक संस्था शहीद भगत सिंह सेवा समिति ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया।
संस्था के अध्यक्ष जसपाल सिंह पाली ने जब यह बात अलीशा को बताई तो उन्होंने कहा कि उनका बल्ड ग्रुप ओ निगेटिव है और वह रक्तदान करने के लिए तैयार हैं। खास बात यह कि अलीशा रोजे से थीं और शाम होते ही उन्होंने रोजा खोलकर विनय के लिए अपना रक्तदान किया।
समाज सेविका तृप्ति अवस्थी ने बताया कि विनय लंबे समय से लीवर संक्रमण से ग्रस्त है। कुछ दिनों पहले उसके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी गिरने लगा, जिसकी वजह से उसकी स्थिति बिगड़ गई थी। इस पर डॉक्टरों ने उसके परिजनों को रक्त का इंतजाम करने को कहा लेकिन तमाम कोशिश को बावजूद खून नहीं मिला। इस बीच अलीशा ने ऐसे शख्स के लिए रक्तदान किया जिसको वो जानती भी नहीं थीं और हिंदू-मुस्लिम एकता की एक शानदार मिसाल पेश की।
Tags: लखीमपुर खीरी

Related Posts
Post Comments

Latest News
03 Mar 2026 19:40:45
बलिया : इंडियन सोसाइटी ऑफ़ वेटरनरी सर्जरी के जबलपुर में आयोजित 48वें राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. ज्ञान देव सिंह (एसोसियेट...



Comments