मिसाल: शादी के 17वर्ष बाद 'दुर्गा' बनी बिहार पुलिस की 'शक्ति'

मिसाल: शादी के 17वर्ष बाद 'दुर्गा' बनी बिहार पुलिस की 'शक्ति'



पटना।  बिहार के सीतामढ़ी जिले के बथनाहा इलाके के गांव विशनपुर की बहू 35 वर्षीय दुर्गा शक्ति ने शादी के 17 साल बाद डीएसपी बनकर उन युवतियों के लिए मिसाल पेश की है, जो शादी के बाद अपनों सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयास करना छोड़ देती हैं। मूलरूप से गोपालगंज की रहने वाली दुर्गा शक्ति की वर्ष 2002 में तत्कालीन ​आनंद अशोक के साथ हुई थी। उस समय दुर्गा शक्ति की उम्र महज 18 साल थी। दुर्गा का बचपन से ख्वाब था कि वह पुलिस सेवा में जाए और अधिकारी बनकर समाज की सेवा करें, मगर कम उम्र में शादी हो जाने के बाद दुर्गा को लगा कि अब उसे अपने ख्वाब को भूल जाना पड़ेगा।

दुर्गा ने शादी के कुछ समय बाद बातों ही बातों में अपने ख्वाब के बारे में पति को बताया तो तय किया गया कि दुर्गा अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी। इस बीच दुर्गा व आनंद के एक बेटा हुआ। कुछ समय के लिए पढ़ाई से ध्यान हटा, मगर पति के सहयोग से दुर्गा फिर अपनी पढ़ाई में जुट गई।
फिर दुर्गा ने बिहार लोक सेवा आयोग की 62वीं संयुक्त प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया और पहली बार के प्रयास में कमाल कर दिखाया। शादी के 17 साल बाद वह बिहार पुलिस में डीएसपी बनने में सफल हो गई। पुलिस सेवा में चयन होने बाद सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने दुर्गा शक्ति को सम्मानित कर उसकी हौसला अफजाई भी की।
दुर्गा शक्ति के ससुर सत्यनारायण साह किसान हैं। खेती के बल ही उन्होंने तीन-तीन बेटों को पढ़ाकर काबिल बनाया। अशोक दूसरे नंबर पर है। सत्यनारायण ने कहा कि उसके बेटे व बहू ने सफलता प्राप्त कर उनका मान बढ़ाया है। दुर्गा ने अपनी सफलता के लिए पति, पिता, सास-ससुर के साथ सभी रिश्तेदारों को भी दिया है। दुर्गा ने अपनी मैट्रिक से लेकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई गोपालगंज के सरकारी स्कूल से की। फिर नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी और पटना से बीएड की पढ़ाई पूरी की और अब बिहार पुलिस ने पुलिस उप अधीक्षक बनने में कामयाब हुई हैं।

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