मोमिन की जिन्दगी का हर दिन होना चाहिए रमजान जैसा : मौलाना नईम ज़फ़र

मोमिन की जिन्दगी का हर दिन होना चाहिए रमजान जैसा : मौलाना नईम ज़फ़र

बलिया। रसड़ा कस्बा निवासी युवा मोलवी हज़रत मौलाना नईम ज़फर साहब ने अपने खेताब में कहा कि अल्लाह रब्बूल इज्जत ने हमें रमजान जैसे बा बरकत महीने से नवाजा था। इस मुबारक महीने से हमें ये पैगाम मिलता है कि जिस तरह हम रोजे के दरमियान खाने पीने के साथ-साथ अपने हाथ और जुबान को भी हर गलत कामों से रोके रखते हैं। अपने आप को ज्यादा से ज्यादा इबादत में मशगूल रखते हैं। इसी तरह बाकी महीनों में भी हमें अपना मामूल बनाना चाहिए। रमजान की तरह अपने आप को इबादत में मशगूल रख कर हर बुराई से रोकना चाहिए और इस मुबारक महीने के खत्म होने पर हम मुसलमानों पर, जो साहब-ए-निसाब हैं, उन पर सदका-ए-फितर भी वाजिब है, जिसका ईद-उल-फितर की नमाज़ से पहले पहले अदा करना जरूरी है। 

ये सदका ए फितर एक तो फुकरा और मसाकीन की मदद के लिए होता है, ताकि उनकी भी ईद खुशी के साथ गुजरे और दूसरी वजह ये की इस महीने में हमसे जो कोताहियां हुई हों और रोज़े में जो कमियां रह गयी हो, उसकी भरपाई के लिए ये सदका ए फितर होता है। हमें अल्लाह रब्बूल इज्ज़त से कसरत से दुआ-ए-मगफिरत के साथ ही यह भी दुआ करनी चाहिए कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त इस रमजानुल मुबारक के महीने को हमारी जिन्दगियों को बदलने वाला और नेक अमल करने वाला बना दे।                                              

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
बलिया : गड़हांचल के दौलतपुर गांव निवासी दिलीप सिंह के छोटे पुत्र रवि शेखर सिंह ने यूपीएससी में 176वीं रैंक...
नेशनल चैंपियन बनकर लौटे बलिया के इन खिलाड़ियों को पूर्व मंत्री ने किया सम्मानित
बलिया में 'दिशा' की बैठक : विकास योजनाओं पर मंथन, 58 बिंदुओं पर समीक्षा
UPSC 2025 में बलिया की बेटी शिक्षा पाठक ने भरी सफल उड़ान, चहुंओर खुशी की लहर
UPSC 2025 Result : 16वीं रैंक प्राप्त कर मोनिका ने बढ़ाया बलिया का मान
Ballia News : खाई में गिरा अनियंत्रित ऑटो, मां की मौत, दो बेटियां घायल
BCDA का ऐलान- जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं, PACS को औषधि लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर AIOCD का कड़ा विरोध