बलिया : गोद लिए स्कूल का जायजा लेने पहुंची डीएम सौम्या अग्रवाल, मास्टर बन बच्चों को पढ़ाया, दिये यह निर्देश

बलिया : गोद लिए स्कूल का जायजा लेने पहुंची डीएम सौम्या अग्रवाल, मास्टर बन बच्चों को पढ़ाया, दिये यह निर्देश

बलिया। आईएएस सौम्या अग्रवाल डीएम बन कर नहीं, बल्कि एक साधारण शिक्षक की तरह बच्चों के क्लास रूम में जाकर उनके मन की बात को जाना। बच्चों से बातें कीं, साथ ही बच्चों से सवाल भी पूछे। बच्चों के सिर पर हाथ रख डीएम ने खूब दुलार भी दिया। डीएम के इस अंदाज की प्रशंसा हो रही है। हालांकि शिक्षक बेचैन रहे। 

वाक्या शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज के प्राथमिक विद्यालय माल्देपुर का है। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने इसे गोद लिया है। गुरुवार को डीएम विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गई।उन्होंने बच्चों से बातचीत कर विद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता को परखा। साथ ही बच्चों में कुछ पाठ्य सामग्री का भी वितरण किया।

जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक जनार्दन यादव को निर्देश दिया कि विद्यालय में जो भी समस्याएं हैं, क्रमबद्ध तरीके से अवगत कराएं। हर समस्या का निराकरण करा कर बेहतर पठन-पाठन का माहौल सुनिश्चित कराया जाएगा। 

सभी अध्यापक समय से विद्यालय आएं और अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावकों से भी हमेशा संपर्क बनाए रखें। बच्चों की पढ़ाई को लेकर उन्हें भी प्रेरित करते रहें। अब से विद्यालय में हमेशा आते रहने की बात उन्होंने कही। डीएम ने कहा कि बच्चों को सरलतम तरीके से पढ़ाए और उन्हें पढ़ाई के गुर सिखाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई और उनके पाठ अच्छी तरह समझ में आ जाए।


Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में सामने आया धोधाधड़ी का नया ट्रेंड, मुकदमा दर्ज बलिया में सामने आया धोधाधड़ी का नया ट्रेंड, मुकदमा दर्ज
बलिया : रसड़ा कोतवाली पुलिस ने भेलाई निवासी धर्मेंद्र यादव की शिकायत पर एक महिला समेत कई लोगों के खिलाफ...
30 January Ka Rashifal : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे
बीएलओ पर दबाव और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ सपा का प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगा पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा
पठन संस्कृति को बढ़ावा देगी सनबीम स्कूल बलिया की कम्युनिटी लाइब्रेरी, जानिएं इसकी खासियत
बलिया में बेटा-बेटी संग महिला लापता, पति ने दर्ज कराई रपट
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई UGC के नये नियमों पर रोक, जानिएं सर्वोच्च न्यायालय ने क्या-क्या कहा