बलिया में कवि सम्मेलन शह बन्द ए मुशायरा : कवियों ने पढ़ी एक से बढ़कर एक रचनाएं

बलिया में कवि सम्मेलन शह बन्द ए मुशायरा : कवियों ने पढ़ी एक से बढ़कर एक रचनाएं

दुबहर, बलिया। प्रगतिशील साहित्यिक मंच ओझा कछुआ के तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन शह बन्द ए मुशायरा का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बलिराम यादव ने किया। आयोजक जलेश्वर जी ने कवि सम्मेलन में आए हुए प्रबुद्ध जनों का माल्यार्पण व अंगवस्त्रम से सम्मानित किया।

कवि सम्मेलन व मुशायरा में छपरा, बिहार  व उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने अपने-अपने हास्य, व्यंग काव्यों की प्रस्तुति से लोगों को देर रात तक आनंदित किया। श्रोताओं ने हास्य व व्यंग काव्यो का भरपूर लुफ्त उठाया। लोग हंसते हंसते लोटपोट हो गए। कवि नन्द जी नवधा ने अपने प्रस्तुति में करोना पर लिखी कविता 'कोरोना के दहशत से करोना बा आइल, आ सटते छुआवे जे जहवें भेटाईल' प्रस्तुत किया। कवि फतेह चंद बेचैन, श्रीराम सरगम, डॉ सुदर्शन प्रसाद राय आकाशवाणी दूरदर्शन इत्यादि कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया। मोहन जी दुबे, गुड्डू दुबे, सेंडो दुबे, राजेंद्र गुप्ता, विजेंदर प्रजापति, सुनील दुबे, गोलू दुबे, उमेश गुप्ता बालकृष्ण प्रजापति, अमित कुमार राम, अनूप, विक्रम कुमार आदि सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे।अध्यक्षता संजय यादव तथा संचालन नन्द जी नन्दा भोजपुरी भूषण बलिया ने किया। आयोजक जलेश्वर जी ने सबका आभार व्यक्त किया।

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