बलिया : बूढ़े बाप के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी ; पिता का दर्द सुन नहीं रोक पायेंगे आंसू

बलिया : बूढ़े बाप के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी ; पिता का दर्द सुन नहीं रोक पायेंगे आंसू

लक्ष्मणपुर, बलिया। बूढ़े बाप के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी उठे, इससे बड़ा दुख क्या होगा। शायद ऊपरवाले को यही मंजूर था। बेटे की अर्थी को सहारा देना पडे तो वो पिता दिल जान से टूट जाता है। ऐसा ही दर्द है वकील गोंड का। बूढ़े वकील ने जब अपने कंधों पर जवान बेटे की अर्थी रखी तो आंखों से अश्रुधारा निकलने के साथ ही पूरा शरीर कांपने लगा। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। 


मामला चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के रामपुर चीट गांव का है। 26 मार्च की सुबह जमीनी विवाद को लेकर एक पक्ष ने वकील गोंड के पुत्र अमरजीत गोंड (20) को मार डाला था। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। देर शाम अमरजीत का शव घर पहुंचा तो परिवारीजन को कौन कहे गांव के लोग रो पड़े। आंख की रोशनी खो चुके वकील दहाड़े मार रहे थे, जबकि बेटे की मौत से मां बदहवाथी थी। 

अर्थी को कंधा देते वक्त रो रहे पिता बोले, हमें यह दिन देखना पड़ेगा, सोचा नहीं था। इस बेटे पर बड़ा गुमान था। वह हमारे बुढ़ापे की लाठी था। घर की जिम्मेदारी उसी के कंधे पर थी। अब मैं क्या करूं, समझ नहीं आ रहा। बेटे की हत्या हो जायेगी, इसकी कल्पना न थी। बूढ़े बाप के कंधे पर जवान बेटे का शव देख अंतिम संस्कार में शामिल लोग भी फफक पड़े। 


पवन कुमार यादव

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