बेलघरिया से चला था 'वो', आज तक नहीं पहुंचा बलिया ; परिजन परेशान

बेलघरिया से चला था 'वो', आज तक नहीं पहुंचा बलिया ; परिजन परेशान


बैरिया, बलिया। पापी पेट के लिए आदमी को न जाने क्या-क्या करना पड़ता है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आदमी परदेश जा कर हाड़तोड़ मेहनत करता है, लेकिन करोना काल में इस पर भी ग्रहण लग गया है।कोरोना से बचने के लिए एक व्यक्ति तीन माह पूर्व बंगाल के बेलघरिया से घर के लिए पैदल चला है, लेकिन अब तक वह घर नहीं पहुंचा। इससे परिजन परेशान है। पत्नी और परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। परिजनों ने सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगाई हैं।
बताया जा रहा है कि खवासपुर बालि के डेरा निवासी तलुक यादव बंगाल कोलकाता के बेलघरिया के रेलवे पार्सल में कुली का काम करता है। कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा तो परिजनों ने घर आने की सलाह दी। उस समय ट्रेन या अन्य वाहन बन्द हो गये थे। ऐसे में जब कोई साधन नहीं मिला तो वह बेलघरिया से पैदल निकल पड़ा। लेकिन आज तक घर नहीं पहुंचा है। पत्नी लालमुनी यादव ने बताया कि उनके अब तक घर न पहुंचने से हम सभी परिजन परेशान है। लालमुनी ने बताया कि पति के खोज के लिए काफी प्रयास किया गया है। अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।हार-थक कर बंगाल व बिहार सरकार को पत्र भेजा गया है।


शिवदयाल पांडेय 'मनन'

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