जाँच में मिली खामी और पंद्रह उम्मीदवारों के पर्चे रद्द

जाँच में मिली खामी और पंद्रह उम्मीदवारों के पर्चे रद्द



बलिया। लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2019 के अंतिम चरण में होने वाले चुनाव के लिए भरे गए नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार को हुई। लोकसभा क्षेत्र बलिया के नामांकन पत्रों की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी भवानी सिंह खंगारोत ने की, जबकि लोकसभा क्षेत्र सलेमपुर के नामांकन पत्रों की जांच रिटर्निंग ऑफिसर मुख्य विकास अधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने की। जांच के बाद मिली कमियों के आधार पर बलिया में नौ और सलेमपुर में छह नामांकन पत्र खारिज हुआ। इस प्रकार लोकसभा क्षेत्र बलिया में अब 10 उम्मीदवार और सलेमपुर में 15 उम्मीदवार बच गए हैं।

लोकसभा बलिया में भरे गए नामांकन पत्रों में दशवंत, शिवजी प्रसाद, अवधेश वर्मा, रामआशीष, अमरजीत यादव, लल्लन, पवन प्रकाश, सीताराम और हरेंद्र प्रसाद का नामांकन पत्र खारिज किया गया। वहीं सलेमपुर संसदीय सीट के लिए भरे गए नामांकन में प्रदीप कुमार, नियाज अहमद, रामदेव गुप्त, कृपा शंकर प्रसाद, पुष्कर राय और सुनील कुमार का नामांकन रद्द किया गया।
स्कूटनी के दौरान दोनों संसदीय सीट के नामांकन कक्ष में उम्मीदवार या प्रस्तावक मौजूद रहे। उनके समक्ष ही नामांकन पत्रों की जांच हुई। स्कूटनी के दिन भी सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी। कलेक्ट्रेट के दोनों मुख्य गेट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात थी। सिर्फ अधिकृत लोगों को ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी।

By-Ajit Ojha

Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
बलिया : गड़हांचल के दौलतपुर गांव निवासी दिलीप सिंह के छोटे पुत्र रवि शेखर सिंह ने यूपीएससी में 176वीं रैंक...
नेशनल चैंपियन बनकर लौटे बलिया के इन खिलाड़ियों को पूर्व मंत्री ने किया सम्मानित
बलिया में 'दिशा' की बैठक : विकास योजनाओं पर मंथन, 58 बिंदुओं पर समीक्षा
UPSC 2025 में बलिया की बेटी शिक्षा पाठक ने भरी सफल उड़ान, चहुंओर खुशी की लहर
UPSC 2025 Result : 16वीं रैंक प्राप्त कर मोनिका ने बढ़ाया बलिया का मान
Ballia News : खाई में गिरा अनियंत्रित ऑटो, मां की मौत, दो बेटियां घायल
BCDA का ऐलान- जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं, PACS को औषधि लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर AIOCD का कड़ा विरोध