सस्पेंस खत्म : 'सनातन' देंगे बीजेपी के 'मस्त' को चुनौती

सस्पेंस खत्म : 'सनातन' देंगे बीजेपी के 'मस्त' को चुनौती




बलिया। लम्बे समय से बलिया लोकसभा क्षेत्र के लिये समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी के नाम को लेकर चल रही अटकलबाजी पर रविवार को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पूर्ण विराम लगाते हुए पूर्व विधायक सनातन पांडेय को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
बता दे कि आजतक बलिया लोकसभा से कभी भी ब्राह्मण को जीत नहीं मिली है ।  सबसे पहले सन उन्नीस सौ सत्तावन में बलिया लोकसभा सीट से राम नगीना मिश्र चुनाव लड़े थे , लेकिन तब कांग्रेस के राधाकृष्ण चुनाव जीते थे।
इसके बाद पूर्व पीएम स्व.चंद्रशेखर के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने  1998 में और 1999 में रामकृष्ण मिश्र को प्रत्याशी बनाकर जोरदार टक्कर दी थी लेकिन चन्द्रशेखर के आभामंडल के चलते रामकृष्ण मिश्र को हार का सामना करना पड़ा था । इस चुनाव में चन्द्रशेखर को 235946 मत मिले थे ( 38.09 प्रतिशत) वही रामकृष्ण मिश्र को 180271 मत(29.1 प्रतिशत ) मिला था । इस चुनाव में 48.9 प्रतिशत मतदान हुआ था ।अबकी बार सपा बसपा गठबंधन ने ब्राह्मण प्रत्याशी उतारकर बलिया सीट पर ब्राह्मण का झंडा फहराने का जोरदार प्रयास किया है । ब्राह्मण प्रत्याशी के आ जाने से बलिया लोक सभा की लड़ाई रोचक हो गयी। अब बतौर गठबंधन प्रत्याशी सनातन पाण्डेय भारतीय जनता पार्टी के वीरेंद्र सिंह मस्त को चुनौती देंगे।
विदित हो की बलिया लोकसभा सीट में इस समय तकरीबन 1768271 मतदाता है। जो आगामी उन्नीस मई अपने रहनुमा का चुनाव करेंगे।

By-Ajit Ojha

Post Comments

Comments

Latest News

बलिया में Earphone लगाकर शौच कर रहे युवक की ट्रेन से कटकर मौत बलिया में Earphone लगाकर शौच कर रहे युवक की ट्रेन से कटकर मौत
बलिया : रसड़ा-बलिया रेलखंड के संवरा हाल्ट स्टेशन के समीप रविवार की सुबह ईयरफोन लगाकर रेल पटरी के किनारे शौच...
बलिया में लग्जरी कार से हथियार की तस्करी करने वाले सगे भाई रायफल-तमंचा के साथ गिरफ्तार
रात होते ही मम्मी-पापा को खिला देती थी नींद की दवा, प्रेमी संग बिताती थी रात; ऐसे खुली 8वीं की छात्रा की पोल
बलिया स्टेशन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने  की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने बढ़ाया एक महत्वपूर्ण कदम
कैसा रहेगा अपना 11 जनवरी, पढ़ें आज का राशिफल
बलिया में जरूरतमंदों के चेहरे पर दिखी मुस्कान
साहित्यकारों के साथ सनबीम बलिया ने मनाया विश्व हिंदी दिवस