...और पापा की गोद में ही दम तोड़ गई नन्‍हीं परी

...और पापा की गोद में ही दम तोड़ गई नन्‍हीं परी


आगरा। वो केवल नौ दिन की नन्‍हीं 'परी' थी। दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थी, इसलिये नाम भी 'परी' रखा गया। उसे बुखार आया। घर में रखी दवाओं से बुखार पर थोड़ा काबू पाया। फिर तबियत बिगड़ी। पापा गोद में लेकर दाैड़े। डॉक्‍टरों की मिन्‍नतेंं कीं, हाथ जोड़े लेकिन किसी को मासूम पर दया तक नहीं आई और नौ दिन की पापा परी ने उन्‍हीं की गोद में दम तोड़ दिया।

लोहामंडी के काजीपाडा निवासी मंजीत सुतैल की पत्नी ऊषा सुतैल के नौ दिन पहले प्रसव हुआ था। नौ दिन की बेटी परी को बुखार आने पर मंगलवार रात को अर्जुन नगर, सिकंदरा बोदला क्षेत्र में स्वजन लेकर घूमते रहे। मगर, क्लीनिक बंद मिले। सिकंदरा क्षेत्र के एक डॉक्टर का क्लीनिक खुला हुआ था, वहां एक घंटा इंतजार करने के बाद नंबर आया, उन्होंने भर्ती करने की सुविधा ना होने पर अन्य अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया। वे नौ दिन की परी को लेकर ताजगंज क्षेत्र के हॉस्पिटल पहुंचे, यहां कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद इलाज बंद था। वहां से जिला अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में मौत हो गई। इससे पहले भी छह लोगों की मौत हो चुकी है, स्वजनों का आरोप है कि निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा है।


Related Posts

Post Comments

Comments

Latest News

8 मार्च का राशिफल : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे 8 मार्च का राशिफल : जानिएं क्या कहते हैं आपके सितारे
मेषआंतरिक उलझन और निर्णय में हिचकिचाहट का संकेत है। किसी फैसले को टालने की प्रवृत्ति हो सकती है, क्योंकि दोनों...
बलिया में विवाहिता का अपहरण कर छेड़खानी, विरोध पर मारपीट, दो गिरफ्तार
कटहल नाला सुंदरीकरण, बलिया बाईपास और चौराहों के आधुनिकीकरण की तैयारी तेज 
Ravi Raj Success Story : आंखों में नहीं थी रोशनी, दृष्टिबाधित बेटे ने UPSC में 20वीं रैंक लाकर दिया मेहनत का फल
7 मार्च का राशिफल : कैसा रहेगा अपना शनिवार, पढ़ें आज का Rashifal
बलिया के लाल रवि शेखर सिंह को  UPSC में 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
नेशनल चैंपियन बनकर लौटे बलिया के इन खिलाड़ियों को पूर्व मंत्री ने किया सम्मानित